हिंदी Murlis — 1996
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09/01“बालक सो मालिकपन के नशे में रहने के लिए मन का राजा बनो”18/01“सदा समर्थ रहने की सहज विधि - शुभचिंतन करो और शुभचिंतक बनो”16/02“डायमण्ड जुबली वर्ष में विशेष अटेन्शन देकर समय और संकल्प के खजाने को जमा करो”27/02“सत्यता का फाउण्डेशन है पवित्रता और निशानी है - चलन वा चेहरे में दिव्यता”10/03“‘करनहार’ और ‘करावनहार’ की स्मृति से कर्मातीत स्थिति का अनुभव”22/03“ब्राह्मण जीवन की पर्सनैलिटी - सब प्रश्नों से पार सदा प्रसन्नचित्त रहना”03/04“सेवाओं के साथ-साथ बेहद की वैराग्य वृत्ति द्वारा पुराने वा व्यर्थ संस्कारों से मुक्त बनो”31/12“नये वर्ष में अनुभवी मूर्त बन सबको अनुभवी बनाओ”
