हिंदी Murlis — 1995
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09/01“निश्चयबुद्धि की निशानियाँ - निश्चित विजयी और सदा निश्चिन्त स्थिति का अनुभव”18/01“ज्ञान सरोवर उद्घाटन के शुभ मुहूर्त पर अव्यक्त बापदादा के मधुर महावाक्य (सुबह 11.00 बजे)”19/01“ब्रह्मा बाप के कदम पर कदम रख आज्ञाकारी और सर्वन्श त्यागी बनो”26/01“ब्रह्मा बाप के और दो कदम - फ़रमानबरदार-व़फादार”26/02“संगमयुग उत्सव का युग है - उत्सव मनाना अर्थात् अविनाशी उमंग-उत्साह में रहना”07/03“ब्राह्मण अर्थात् धर्म सत्ता और स्वराज्य सत्ता की अधिकारी आत्मा”16/03“सर्व प्राप्ति सम्पन्न आत्मा की निशानी - सन्तुष्टता और प्रसन्नता”25/03“ब्राह्मण जीवन का सबसे श्रेष्ठ खजाना - संकल्प का खजाना”31/03“परमात्म मिलन मेले की सौगात - ताज, तख्त और तिलक”06/04“प्योरिटी की रूहानी पर्सनालिटी की स्मृति स्वरूप द्वारा मायाजीत बनो”07/11“बापदादा की विशेष पसन्दगी और ज्ञान का फाउण्डेशन - पवित्रता”16/11“बापदादा की चाहना - डायमण्ड जुबली वर्ष को लगाव मुक्त वर्ष के रूप में मनाओ”25/11“परमत, परचिंतन और परदर्शन से मुक्त बनो और पर-उपकार करो”04/12“यथार्थ निश्चय के फाउण्डेशन द्वारा सम्पूर्ण पवित्रता को धारण करो”13/12“व्यर्थ बोल, डिस्टर्ब करने वाले बोल से स्वयं को मुक्त कर बोल की एकॉनॉमी करो”22/12“सर्व प्राप्ति सम्पन्न जीवन की विशेषता है - अप्रसन्नता मुक्त और प्रसन्नता युक्त”31/12“डायमण्ड वर्ष में फरिश्ता बनकर बापदादा की छत्रछाया और प्यार की अनुभूति करो”
