
Tum Ho Jag Ki Muskaan
BK Nikhil Raj, BK Kiran, Saurabh, Aakansha, BK Ruhani
Lyrics
निराशा के बादल छट गए
उदित हुआ दिनकर जैसे
सृजन की घड़ियां आई
बनो फिर भागीरथ जैसे
कभी तुम खोना मत मुस्कान
गूंजता रहे सदा ये गान
कभी तुम खोना मत मुस्कान
गूंजता रहे सदा ये गान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
*वर्ल्ड में *लहर लहर लहराए भारत का वो रब अभियान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
चीर पहाड़ों को हमने रास्ते सरल बनाए है
मोडी नदिया बांध बनाए नए तराने गाए है
गाए है
चीर पहाड़ों को हमने रास्ते सरल बनाए है
मोडी नदिया बांध बनाए नए तराने गाए है
*5विकारों *को अपनाने से बदले है दिनमान
प्रेम और सहयोग है साथी यह नहीं विसरावो
राग द्वेष की *चौड़ी बाहें * उसको तुम भर पाओ
सच कहता हु पाले वे हम खोई हुई पहचान
कभी तुम खोना मत मुस्कान
गूंजता रहे सदा ये गान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
बस अब करना है एक काम
जो लौटे भारत का सम्मान
*जो है गुमशुम है जो नाम *
लौटा दे उसकी मुस्कान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान
मुस्कान मुस्कान तुम हो जग की मुस्कान



