
Jab Tumse Man jud jata hai
Harish Moyal

Jab Tumse Man jud jata hai
Harish Moyal
Lyrics
जब तुमसे मन जुड जाता है
आनंद अलौकिक पाता है
जब तुमसे मन जुड जाता है
आनंद अलौकिक पाता है
तुमसे मिलने की चाहत में
मन मैलौ तक उड जाता है
मन मैलो तक उड जाता है
जब तुमसे मन जुड जाता है
आनंद अलौकिक पाता है
सांसों की तारों में हर पल
बजता तेरा गीत निरंतर
सांसों की तारों में हर पल
बजता तेरा गीत निरंतर
मेरे अनहद नाद की धुन अब
गूंजे हर पल मन के भीतर
मेरे अनहद नाद की धुन अब
गूंजे हर पल मन के भीतर
मन को पंख दिए ए कैसे
रोके ना रुक पाता है
इस मन को प॔ख दीए ए कैसे
रोके ना रख पाता है
तुमसे मिलने की चाहत में
मन मैलौ तक उड जाता है
मन मैलो तक उड जाता है
जब तुमसे मन जुड जाता है
आनंद अलौकिक पाता है
जब तुमसे मन जुड जाता है
आनंद अलौकिक पाता है
मन की मृग कृष्णा भटक गई थी
कांटो के इस जंगल में
मैं अनजाना उलझ गया था
मोह माया के दलदल में
मोह माया के दलदल में
मन के शोर सब थम से गए है
तुज झरने की कल कल में
मन के शोर सब थम से गए है
तुज झरने की कल कल में
सारे प्रश्नों का हल पाया
तेरे एक ही उत्तर में
तेरे एक ही उत्तर में
जब तुमसे मन जुड जाता है
मन खुशियों से भर जाता है
जब तुमसे मन जुड़ जाता है
मन मैलो तक उड़ जाता है
आनंद अलौकिक पाता है
मन खुशियों से भर जाता है



