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आधारमूर्त उद्धारमूर्त - Embodiment of foundation - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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आधारमूर्त उद्धारमूर्त - Embodiment of foundation
आधारमूर्त उद्धारमूर्त - Embodiment of foundation
29 unique murli dates in this topic
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29 murlis in हिंदी
06/07/1969
“सच्ची जेवर बनने के लिए अपनी सब खामियों को निकाल स्वच्छ बनो”
14/05/1970
“समर्पण का गुह्य अर्थ”
30/07/1970
“महारथी अर्थात् महानता”
06/08/1970
“बन्धनमुक्त आत्मा की निशानी”
21/01/1971
“अब नहीं तो कब नहीं”
26/01/1971
“ज़िम्मेवारी उठाने से फायदे”
06/05/1971
“बापदादा का विशेष श्रृंगार - ‘नूरे-रत्न'”
30/05/1973
“संगमयुग - पुरुषोत्तम युग”
02/08/1973
“यथार्थ विधि से सिद्धि की प्राप्ति”
26/06/1974
“सर्व सिद्धियों की प्राप्ति के रूहानी नशे में सदा स्थित रहो”
16/01/1975
“ज्वाला रूप अवस्था”
08/02/1975
“निश्चय रूपी आसन पर अचल स्थिति”
23/10/1975
“इन्तज़ार को छोड़कर इन्तज़ाम करो!”
07/06/1977
“संगमयुग (धर्माऊ युग) को विशेष वरदान - ‘चढ़ती कला सर्व का भला’”
12/06/1977
“कमल पुष्प समान स्थिति ही ब्राह्मण जीवन का श्रेष्ठ आसन है”
22/06/1977
“सितारों की दुनिया का रहस्य”
04/01/1979
“सम्पूर्णता के आईने में निज स्वरूप को देखो”
10/12/1979
“पुण्य आत्माओं के लक्षण”
24/12/1979
“जहान को रोशन करने वालों की महफिल”
28/11/1981
“आप पूर्वजों से सर्व आत्माओं की आशाएं”
12/01/1982
“विश्व का उद्धार - आधारमूर्त आत्माओं पर निर्भर”
28/04/1982
“सर्वन्श त्यागी की निशानियाँ”
13/03/1986
“सहज परिवर्तन का आधार - अनुभव की अथॉरिटी”
21/01/1987
“स्व-राज्य अधिकारी ही विश्व-राज्य अधिकारी”
12/03/1988
“तीन प्रकार का स्नेह तथा दिल के स्नेही बच्चों की विशेषतायें”
19/11/1989
“तन, मन, धन और जन का भाग्य”
17/12/1989
“सदा समर्थ कैसे बनें?”
23/12/1993
“पवित्रता के दृढ़ व्रत द्वारा वृत्ति का परिवर्तन”
02/02/2004
“पूर्वज और पूज्य के स्वमान में रह विश्व की हर आत्मा की पालना करो, दुआयें दो, दुआयें लो''