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Waste-व्यर्थ - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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Waste-व्यर्थ
Waste-व्यर्थ
36 unique murli dates in this topic
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36 murlis in हिंदी
15/03/1972
“त्याग और भाग्य”
09/05/1972
“अपने फीचर से फ्यूचर दिखाओ”
10/05/1972
“स्वमान में रहने से फरमान की पालना”
20/05/1972
“सार-स्वरूप बनने से संकल्प और समय की बचत”
22/07/1972
“नष्टोमोहा बनने की भिन्न-भिन्न युक्तियाँ”
12/11/1972
“अलौकिक कर्म करने की कला”
23/01/1977
“महीनता ही महानता है”
23/04/1977
“बाप द्वारा प्राप्त सर्व खज़ानों को बढ़ाने का आधार है - महादानी बनना”
28/04/1977
“सदा सुहागिन की निशानियाँ”
30/06/1977
“बापदादा की हर ब्राह्मण आत्मा प्रति श्रेष्ठ कामनाएं”
10/01/1979
“अब वेस्ट और वेट को समाप्त करो”
21/01/1980
“बाप को प्रत्यक्ष करने की विधि”
09/01/1983
“व्यर्थ को छोड़ समर्थ संकल्प चलाओ”
20/01/1986
“पुरुषार्थ और परिवर्तन के गोल्डन चांस का वर्ष”
31/12/1987
“नया वर्ष - बाप समान बनने का वर्ष”
26/10/1991
“तपस्या का प्रत्यक्ष-फल - खुशी”
18/12/1991
“हर कर्म में ऑनेस्टी (इमानदारी) का प्रयोग करना ही तपस्या है”
02/03/1992
“महाशिवरात्रि मनाना अर्थात प्रतिज्ञा करना, व्रत लेना और बलि चढ़ना”
21/11/1992
“कर्मों की गुह्य गति के ज्ञाता बनो”
31/12/1992
“सफलता प्राप्त करने का साधन - सब कुछ सफल करो”
09/01/1993
“अव्यक्त वर्ष मनाना अर्थात् सपूत बन सबूत देना”
18/02/1993
“ब्राह्मण जीवन का श्वांस - सदा उमंग और उत्साह”
25/01/1994
“ब्राह्मणों की नेचर विशेषता की नेचर है - इसे नेचुरल स्मृति स्वरूप बनाओ”
14/04/1994
“स्नेह का रिटर्न है - स्वयं को टर्न (परिवर्तन) करना”
25/11/1995
“परमत, परचिंतन और परदर्शन से मुक्त बनो और पर-उपकार करो”
03/04/1996
“सेवाओं के साथ-साथ बेहद की वैराग्य वृत्ति द्वारा पुराने वा व्यर्थ संस्कारों से मुक्त बनो”
18/01/1997
“अपनी सूरत से बाप की सीरत को प्रत्यक्ष करो तब प्रत्यक्षता का नगाड़ा बजेगा”
14/12/1997
“व्यर्थ और निगेटिव को अवाइड कर अवार्ड लेने के पात्र बनो”
13/03/1998
“होली शब्द के अर्थ स्वरूप में स्थित होना अर्थात् बाप समान बनना”
12/12/1998
“मेरे-मेरे का देह-अभिमान छोड़ ब्रह्मा बाप के कदम पर कदम रखो”
15/12/1999
“संकल्प शक्ति के महत्व को जान इसे बढ़ाओ और प्रयोग में लाओ”
15/02/2000
“मन को स्वच्छ, बुद्धि को क्लीयर रख डबल लाइट फरिश्ते स्थिति का अनुभव करो”
28/03/2002
“इस वर्ष को निर्माण, निर्मल वर्ष और व्यर्थ से मुक्त होने का मुक्ति वर्ष मनाओ”
08/10/2002
“आत्मिक प्यार की मूर्ति बन शिक्षा और सहयोग साथ-साथ दो''
18/01/2004
“वर्ल्ड अथॉरिटी के डायरेक्ट बच्चे हैं - इस स्मृति को इमर्ज रख सर्व शक्तियों को ऑर्डर से चलाओ''
15/12/2006
“स्मृति स्वरूप, अनुभवी मूर्त बन सेकण्ड की तीव्रगति से परिवर्तन कर पास विद ऑनर बनो''