स्वपरिवर्तन से विश्व परिवर्तन - World Transformation through Self Transformation
11 unique murli dates in this topic
11 murlis in हिंदी
22/04/1984“विचित्र बाप द्वारा विचित्र पढ़ाई तथा विचित्र प्राप्ति”02/11/1987“स्व-परिवर्तन का आधार - ‘सच्चे दिल की महसूसता’”17/03/1991“सन्तुष्टमणि के श्रेष्ठ आसन पर आसीन होने के लिए प्रसन्नचित्त, निश्चिंत आत्मा बनो”10/04/1991“दिलतख्तनशीन और विश्व तख्तनशीन बनने के लिए सुख दो और सुख लो”03/11/1992“रूहानी रॉयल्टी सम्पन्न आत्माओं की निशानियां”12/11/1992“भविष्य विश्व-राज्य का आधार - संगमयुग का स्वराज्य”30/11/1992“सर्व खजानों से सम्पन्न बनो - दुआएं दो, दुआएं लो”18/11/1993“संगमयुग के राजदुलारे सो भविष्य के राज्य अधिकारी”18/01/1994“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान - स्नेह की शक्ति”15/12/1999“संकल्प शक्ति के महत्व को जान इसे बढ़ाओ और प्रयोग में लाओ”05/03/2004“कमजोर संस्कारों का संस्कार कर सच्ची होली मनाओ तब संसार परिवर्तन होगा''
