हिंदी Murlis — 1993
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09/01“अव्यक्त वर्ष मनाना अर्थात् सपूत बन सबूत देना”18/01“प्रत्यक्षता का आधार - दृढ़ प्रतिज्ञा”18/02“ब्राह्मण जीवन का श्वांस - सदा उमंग और उत्साह”07/03“होली मनाना अर्थात् हाइएस्ट और होलीएस्ट बनना”26/03“अव्यक्त वर्ष में लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ”23/04“निश्चयबुद्धि भव, अमर भव”18/11“संगमयुग के राजदुलारे सो भविष्य के राज्य अधिकारी”25/11“सहज सिद्धि प्राप्त करने के लिए ज्ञान स्वरूप प्रयोगी आत्मा बनो”02/12“नम्बरवन बनने के लिए गुण मूर्त बन गुणों का दान करने वाले महादानी बनो”09/12“एकाग्रता की शक्ति से दृढ़ता द्वारा सहज सफलता की प्राप्ति”16/12“सच्चे स्नेही बन एक बाप द्वारा सर्व सम्बन्धों का साकार में अनुभव करो”23/12“पवित्रता के दृढ़ व्रत द्वारा वृत्ति का परिवर्तन”31/12“नये वर्ष में सदा उमंग-उत्साह में उड़ना और सर्व के प्रति महादानी, वरदानी बन व्यर्थ को समाप्त करना”
