हिंदी Murlis — 2014

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18/01“ब्रह्मा बाप की विशेष शिक्षा - बापदादा दोनों के स्मृति स्वरूप बनो, फालो फादर करो”31/01“अचानक के पहले अलर्ट रह स्वयं को पावरफुल बनाओ, खुशमिजाज़ रह सन्तुष्टता का वायुमण्डल बनाओ साथ-साथ हर एरिया में सन्देश देने का कार्य पूरा करो, अब कोई का भी उल्हना रह न जाए”14/02“परमात्म प्यार के पात्र बच्चे प्यार लेते और देते हुए फालो फादर कर स्वयं भी निर्विघ्न बनो और अपने नजदीक साथियों को भी निर्विघ्न बनाओ”27/02“शिव अवतरण पर व्यर्थ को समाप्त करने की विशेष सौगात बाप को दो, विशेष अटेन्शन देकर एक मास निर्विघ्न अवस्था की अनुभूति करो”15/03“जीवन के हर दिन होली (पवित्र) बन पवित्रता के वायब्रेशन चारों ओर फैलाना, बीती को बीती कर सफलता के वरदान को स्वरूप में लाना”30/03“किसी भी वायुमण्डल को देखते बाप के स्नेह और सहयोग से आगे बढ़ते चलो, हर एक की विशेषता देखो, स्वयं भी तीव्र पुरुषार्थ के उमंग-उत्साह में रहो और साथियों को भी उमंग-उल्हास दिलाओ”12/10“दीपावली दिलाराम और दीपकों का यादगार है, हर एक बच्चे के दिल में दिलाराम बाप समाया हुआ है”05/11“अपने जगे हुए दिव्य स्वरूप में ऐसा रहो जो आपके सामने आने वालों का दीप जग जाए, आपका साधारण स्वरूप उन्हें दिखाई न दे”30/11“दिलाराम को दिल में बिठाकर मिलन मनाते सदा खुश रहना, अमृतवेला दिन का आरम्भ है इसलिए अमृतवेले का अमृत अवश्य पीना”25/12“नये वर्ष में तीव्र पुरुषार्थ का अटेन्शन रख सदा आगे बढ़ते रहना, चेकिंग कर स्वयं का परिवर्तन करना, फाइनल पेपर अचानक होना है इसलिए हर सब्जेक्ट में कम से कम पास मार्क्स जरूर ले लेना, सदा साथ रहना और साथ राज्य में आना”

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