हिंदी Murlis — 2015
7 murlisFull हिंदी Avyakt Murli archive for 2015. Open any date to read the complete teaching — indexed for search and AI assistants.
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18/01“स्मृति दिवस पर कोई न कोई विशेषता स्वयं में धारण कर कमियों को समाप्त करना, भारत में भारत का पिता गुप्तवेष में आ गया है, इस आवाज को चारों ओर स्पष्ट फैलाना”16/02“जैसे बाप और बच्चों का प्यार अमर और अलौकिक है, आपको बाप की पहचान के साथ प्राप्तियां हुई हैं, ऐसे सेवा में आगे बढ़ते सबको उमंग-उल्हास दिलाओ, अब किसी का भी उल्हना न रहे”15/03“कामकाज करते मेरा बाबा, मीठा बाबा यही दो शब्द सदा याद रहे, यह अलौकिक प्यार का सम्बन्ध ही संगमयुग की सौगात है”10/04“मुम्बई विलेपार्ले सेवाकेन्द्र पर गुल्जार दादी ने बापदादा को भोग स्वीकार कराया, उसी समय अव्यक्त बापदादा की पधरामणि हुई तथा मधुर महावाक्य उच्चारण किये।”14/10“जो बच्चे याद में रहते हैं वह बापदादा के दिल में सदा समाये हुए हैं, सबके दिल में अब यही खुशी है कि हमारा सतयुगी राज्य आया कि आया, सभी ऐसा युग लाने में बिजी हैं”03/11“प्रभु प्यारों का संगठन संगम के इस महान समय में ही होता है, हर बच्चे के दिल में बाबा और बाबा के दिल में सिकीलधे बच्चे हैं”31/12“ड्रामा में संगम का यह मिलन बहुत-बहुत अमूल्य और न्यारा प्यारा है, यह भी अचानक की लाटरी है जो भाग्यवान बच्चों को ही मिलती है”
