
दादी ध्यानी जी
ध्यानी दादी जीवन परिचय - निश्छल प्रेम और गहरे योग की मूर्ति – उन्होंने अपनी मधुरता और सेवा से हजारों आत्माओं को शांति, शक्ति और सही मार्ग दिखाया

ध्यानी दादी जीवन परिचय - निश्छल प्रेम और गहरे योग की मूर्ति – उन्होंने अपनी मधुरता और सेवा से हजारों आत्माओं को शांति, शक्ति और सही मार्ग दिखाया

भूरी दादी जी ने जीवनभर निस्वार्थ सेवा, सादगी और अटूट निश्चय से सदा एकनामी इकॉनमी से यज्ञ की सेवा की। आबू रोड से मधुबन तक आत्माओं को स्नेह से संभालते हुए उन्होंने सभी के दिलों में विशेष स्थान बनाया। स्वयं पर निश्चय, परिवार पर निश्चय, ड्रामा पर निश्चय तथा प्यारे बाबा पर निश्चय-इन चारों में भूरी दादी जी सदा पास रही। कभी दादी जी को एक मिनट भी खाली बैठे नहीं देखा।

आदि रत्न चन्द्रहास दादा का जीवन त्याग, सेवा और अटूट निश्चय की प्रेरक गाथा है। कठिनाइयों के बीच भी उन्होंने बापदादा की सेवा में समर्पित रहकर यज्ञ को आगे बढ़ाया।