
Karm Karo Aise Bhai Tum
Lyrics
कर्म करो ऐसे भाई तुम पड़ेना फिर पछताना पड़ेना फिर पछताना
कर्म करो ऐसे भाई तुम पड़ेना फिर पछताना पड़ेना फिर पछताना
कर्म करो ऐसे भाई तुम पड़ेना फिर पछताना पड़ेना फिर पछताना
एक दिन तो धर्मराज को पड़ेगा मुख दिखलाना
पड़ेगा मुख दिखलाना
एक दिन तो धर्मराज को पड़ेगा मुख दिखलाना
पड़ेगा मुख दिखलाना
कर्म करो ऐसे भाई तुम पड़ेना फिर पछताना पड़ेना फिर पछताना
कर्म करो ऐसे कर्म करो
कर्म करो ऐसे कर्म करो
मन में ओरो के लिए शुभ संकल्प चलाओ
निंदा करता है जो तुम्हारी अपना उसे बनाओ
आंखो से कभी बुरा न देखो पड़े जो आंख झुकाना पड़े जो आंख झुकाना
आंखो से कभी बुरा न देखो पड़े जो आंख झुकाना पड़े जो आंख झुकाना
कर्म करो ऐसे भाई तुम पड़ेना फिर पछताना पड़ेना फिर पछताना
कर्म करो भाई कर्म करो
कर्म करो भाई कर्म करो
मुख से ओरो को दुख देने वाले बोल ना बोलो
अपने मुख से ज्ञान रत्न भंडारे अब तुम खोलो
कानो से कभी सुनो ना ऐसा पड़े जो कान
कटाना
पड़े जो कान कटाना
कानो से कभी सुनो ना ऐसा पड़े जो कान कटाना
पड़े जो कान काटना
कर्म करो ऐसे भाई तुम पड़ेना फिर पछताना पड़ेना फिर पछताना
कर्म करो ऐसे कर्म करो
कर्म करो ऐसे कर्म करो
ऐसा जीवन हो जो हसते हसते घरको जाओ
धर्मराज के आगे तुम निर्भय होकर जाओ
ऐसा हो ना खाता अपना पड़े जो वहा पछताना पड़े जो वहा पछताना
ऐसा हो ना खाता अपना पड़े जो वहा पछताना पड़े जो वहा पछताना
कर्म करो ऐसे भाई तुम पड़ेना फिर पछताना पड़ेना फिर पछताना
एक दिन तो धर्मराज को पड़ेगा मुख दिखलाना
पड़ेगा मुख दिखलाना
कर्म करो ऐसे कर्म करो
कर्म करो भाई कर्म करो
कर्म करो ऐसे कर्म करो
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