
Karma Humare Shreshtha Banege
Sunil Soni, Sajal Tank
Lyrics
"कर्म हमारे श्रेष्ठ बनेंगे
कर्म हमारे श्रेष्ठ बनेंगे
जब हम खुद पर गौर करेंगे
कर्म हमारे श्रेष्ठ बनेंगे
जब हम खुद पर गौर करेंगे
जैसा कर्म हम करेंगे हमे देखकर और करेंगे
जैसा कर्म हम करेंगे हमे देखकर और करेंगे
कर्म हमारे श्रेष्ठ बनेंगे
कर्म में दिव्यता वाणी में मधुरता
खुश रहता और खुशी बाटता
कर्म में दिव्यता वाणी में मधुरता
खुश रहता और खुशी बाटता
निर्मोही के तौर करेंगे
निर्मोही के तौर करेंगे
जब हम खुद पर गौर करेंगे
जैसा कर्म हम करेंगे हमे देखकर और करेंगे
कर्म हमारे श्रेष्ठ बनेंगे
कथनी करनी में भेद न रहता
जो कहता वह खुद भी करता
आदेशों को स्वीकारेंगे
कोई भी न शोर करेंगे
कथनी करनी में भेद न रहता
जो कहता वह खुद भी करता
आदेशों को स्वीकारेंगे
कोई भी न शोर करेंगे
कर्म हमारे श्रेष्ठ बनेंगे
जब हम खुद पर गौर करेंगे
जैसा कर्म हम करेंगे हमे देखकर और करेंगे
कर्म हमारे श्रेष्ठ बनेंगे
नम्र रहता और झुकता
ग्लानि निंदा सबकुछ सहता
नम्र रहता और झुकता
ग्लानि निंदा सबकुछ सहता
अपने कमियों को भरेंगे
अपने कमियों को भरेंगे
तब ही हम सिरमौर बनेंगे
जैसा कर्म हम करेंगे हमे देखकर और करेंगे
कर्म हमारे श्रेष्ठ बनेंगे
जब हम खुद पर गौर करेंगे
कर्म हमारे श्रेष्ठ बनेंगे
जब हम खुद पर गौर करेंगे
जैसा कर्म हम करेंगे हमे देखकर और करेंगे
जैसा कर्म हम करेंगे हमे देखकर और करेंगे
कर्म हमारे श्रेष्ठ बनेंगे
जब हम खुद पर गौर करेंगे
कर्म हमारे श्रेष्ठ बनेंगे
जब हम खुद पर गौर करेंगे
जैसा कर्म हम करेंगे हमे देखकर और करेंगे
हमे देखकर और करेंगे
हमे देखकर और करेंगे
हमे देखकर और करेंगे
हमे देखकर और करेंगे
____________________________"



