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सेवा में नवीनता - New Ways of Service - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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सेवा में नवीनता - New Ways of Service
सेवा में नवीनता - New Ways of Service
27 unique murli dates in this topic
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27 murlis in हिंदी
20/12/1969
“प्लेन याद से प्लैन्स की सफलता”
23/01/1970
“सेवा में सफलता पाने की युक्तियां”
07/06/1970
“दिव्य मूर्त बनने की विधि”
22/10/1970
“फुल की निशानी - फ्लोलेस”
26/01/1977
“अन्तर्मुखता द्वारा सूक्ष्म शक्ति की लीलाओं का अनुभव”
14/02/1978
“समीप आत्मा की निशानियाँ”
01/04/1978
“निरन्तर योगी ही निरन्तर साथी है”
14/01/1979
“ब्राह्मण जीवन का विशेष आधार - पवित्रता”
16/04/1982
“संगमयुगी स्वराज्य दरबार ही सर्वश्रेष्ठ दरबार”
03/01/1983
“हर गुण, हर शक्ति को निजी स्वरूप बनाओ बाप समान बनो”
01/03/1983
“विश्व के हर स्थान पर आध्यात्मिक लाइट और ज्ञान जल पहुँचाओ”
10/11/1983
“सहज शब्द की लहर को समाप्त कर साक्षात्कार मूर्त बनो”
24/02/1984
“ब्राह्मण जन्म - अवतरित जन्म”
19/04/1984
“भावुक आत्मा तथा ज्ञानी आत्मा के लक्षण”
05/12/1984
“सम्पूर्ण काम जीत अर्थात् हद की कामनाओं से परे”
31/12/1984
“नये ज्ञान और नई जीवन द्वारा नवीनता की झलक दिखाओ”
01/01/1986
“नया वर्ष रूहानी प्रभावशाली बनने का वर्ष”
20/03/1987
“स्नेह और सत्यता की अथॉरिटी का बैलेन्स”
21/12/1989
“त्रिदेव रचयिता द्वारा वरदानों की प्राप्ति”
30/11/2002
“रिटर्न शब्द की स्मृति से समान बनो और रिटर्न-जर्नी के स्मृति स्वरूप बनो''
13/02/2003
“वर्तमान समय अपना रहमदिल और दाता स्वरूप प्रत्यक्ष करो''
17/03/2003
“इस वर्ष - स्वमान में रहना, सम्मान देना, सबका सहयोगी बनना और समर्थ बनाना''
15/10/2004
“एक को प्रत्यक्ष करने के लिए एकरस स्थिति बनाओ, स्वमान में रहो, सबको सम्मान दो''
30/11/2005
“समय की समीपता प्रमाण स्वयं को हद के बन्धनों से मुक्त कर सम्पन्न और समान बनो”
03/02/2006
“परमात्म प्यार में सम्पूर्ण पवित्रता की ऐसी स्थिति बनाओ जिसमें व्यर्थ का नामनिशान न हो''
31/10/2006
“सदा स्नेही के साथ अखण्ड महादानी बनो तो विघ्न-विनाशक, समाधान स्वरूप बन जायेंगे''
17/03/2007
“श्रेष्ठ वृत्ति से शक्तिशाली वायब्रेशन और वायुमण्डल बनाने का तीव्र पुरुषार्थ करो, दुआ दो और दुआ लो”