सेवा में नवीनता - New Ways of Service
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20/12/1969“प्लेन याद से प्लैन्स की सफलता”23/01/1970“सेवा में सफलता पाने की युक्तियां”07/06/1970“दिव्य मूर्त बनने की विधि”22/10/1970“फुल की निशानी - फ्लोलेस”26/01/1977“अन्तर्मुखता द्वारा सूक्ष्म शक्ति की लीलाओं का अनुभव”14/02/1978“समीप आत्मा की निशानियाँ”01/04/1978“निरन्तर योगी ही निरन्तर साथी है”14/01/1979“ब्राह्मण जीवन का विशेष आधार - पवित्रता”16/04/1982“संगमयुगी स्वराज्य दरबार ही सर्वश्रेष्ठ दरबार”03/01/1983“हर गुण, हर शक्ति को निजी स्वरूप बनाओ बाप समान बनो”01/03/1983“विश्व के हर स्थान पर आध्यात्मिक लाइट और ज्ञान जल पहुँचाओ”10/11/1983“सहज शब्द की लहर को समाप्त कर साक्षात्कार मूर्त बनो”24/02/1984“ब्राह्मण जन्म - अवतरित जन्म”19/04/1984“भावुक आत्मा तथा ज्ञानी आत्मा के लक्षण”05/12/1984“सम्पूर्ण काम जीत अर्थात् हद की कामनाओं से परे”31/12/1984“नये ज्ञान और नई जीवन द्वारा नवीनता की झलक दिखाओ”01/01/1986“नया वर्ष रूहानी प्रभावशाली बनने का वर्ष”20/03/1987“स्नेह और सत्यता की अथॉरिटी का बैलेन्स”21/12/1989“त्रिदेव रचयिता द्वारा वरदानों की प्राप्ति”30/11/2002“रिटर्न शब्द की स्मृति से समान बनो और रिटर्न-जर्नी के स्मृति स्वरूप बनो''13/02/2003“वर्तमान समय अपना रहमदिल और दाता स्वरूप प्रत्यक्ष करो''17/03/2003“इस वर्ष - स्वमान में रहना, सम्मान देना, सबका सहयोगी बनना और समर्थ बनाना''15/10/2004“एक को प्रत्यक्ष करने के लिए एकरस स्थिति बनाओ, स्वमान में रहो, सबको सम्मान दो''30/11/2005“समय की समीपता प्रमाण स्वयं को हद के बन्धनों से मुक्त कर सम्पन्न और समान बनो”03/02/2006“परमात्म प्यार में सम्पूर्ण पवित्रता की ऐसी स्थिति बनाओ जिसमें व्यर्थ का नामनिशान न हो''31/10/2006“सदा स्नेही के साथ अखण्ड महादानी बनो तो विघ्न-विनाशक, समाधान स्वरूप बन जायेंगे''17/03/2007“श्रेष्ठ वृत्ति से शक्तिशाली वायब्रेशन और वायुमण्डल बनाने का तीव्र पुरुषार्थ करो, दुआ दो और दुआ लो”
