अमृतसर में ‘जीना इसी का नाम है’ सत्र में प्रेम, सम्मान और शुभकामनाओं का संदेश

अमृतसर सेवा केंद्र द्वारा वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके उषा दीदी के मार्गदर्शन में ‘जीना इसी का नाम है – Live Life King Size’ विषय पर प्रेरणादायक सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
बीके उषा दीदी ने कहा कि जीवन की सच्ची समृद्धि दूसरों से मिलने वाली दुआओं, प्रेम, विश्वास और सम्मान में है। उन्होंने सभी को अपने व्यवहार और कर्मों द्वारा दूसरों को खुशी, सहयोग एवं सम्मान देने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में बीएसएफ कमांडेंट अजय कुमार तिवारी, महेंद्रपाल सिंह, समाजसेवी स्वराज ग्रोवर, कमल दलमिया, निर्मल सुरेखा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला, अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन करमजीत रिंटू तथा काली माता मंदिर के अध्यक्ष रितेश शर्मा सहित अन्य विशिष्टजनों ने भी सहभागिता की।
इस अवसर पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि दूसरों को खुशी, सहयोग और सम्मान देने से मिलने वाली दुआएं जीवन की सकारात्मक शक्ति बनती हैं।
जालंधर में ‘जीवन का आधार गीता का सार’ कार्यक्रम में आध्यात्मिक जीवन का संदेश

जालंधर के आदर्श नगर स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र में ‘जीवन का आधार गीता का सार’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गीता के आध्यात्मिक संदेश को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
बीके उषा दीदी ने कहा कि भगवद्गीता केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शिक्षा का स्रोत है। उन्होंने आत्मिक पहचान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मनुष्य की वास्तविक पहचान शांत, पवित्र और शक्तिशाली आत्मा के रूप में है।
उन्होंने कहा कि गीता में जीवन की विभिन्न परिस्थितियों और समस्याओं के समाधान का आध्यात्मिक मार्गदर्शन मिलता है। इसके संदेश को जीवन में धारण करने से व्यक्ति अपने विचारों, संस्कारों और कर्मों में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
कार्यक्रम के आरंभ में नंगल की बीके पुष्पा दीदी ने सभी का स्वागत किया। कपूरथला की बीके लक्ष्मी दीदी ने राजयोग ध्यान की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को ध्यान का अभ्यास कराया। जालंधर की बीके संधिरा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में अनेक भाई-बहनों ने सहभागिता कर गीता के आध्यात्मिक संदेश एवं राजयोग ध्यान का लाभ लिया।














