- अटलादरा (गुजरात): "हेल्दी डॉक्टर, हेल्दी सोसाइटी" विषय पर चिकित्सकों का सम्मान
5 जुलाई 2026 को ब्रह्माकुमारीज़ अटलादरा सेवा केंद्र द्वारा "हेल्दी डॉक्टर, हेल्दी सोसाइटी" विषय पर भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े प्रतिष्ठित चिकित्सकों तथा विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनके उत्कृष्ट योगदान एवं उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह में जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अनूप चंदनानी, एसएसजी मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त अधिष्ठाता डॉ. जीवराज डामोर, आईएमए के अध्यक्ष डॉ. मितेश शाह, आरएसएस मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष डॉ. हितेंद्र पटेल, एचएमएआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. पीयूष जोशी सहित चिकित्सा जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने सहभागिता की।
अटलादरा सेवा केंद्र की प्रभारी बीके अरुणा दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सकों का दायित्व केवल शरीर का उपचार करना ही नहीं, बल्कि रोगियों के मन का भी उपचार करना है। बीके विपिन ने मन की शक्ति को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए राजयोग मेडिटेशन के महत्व पर प्रकाश डाला। अंत में सभी सम्मानित चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए।
- रीवा (मध्य प्रदेश): चिकित्सक सम्मान समारोह में राजयोग मेडिटेशन का संदेश
इसी दिन ब्रह्माकुमारीज़ रीवा सेवा केंद्र द्वारा मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी लेक्चर हॉल में भव्य स्नेह मिलन एवं चिकित्सक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि चिकित्सा सेवा मानवता की सर्वोच्च सेवा है तथा चिकित्सक अपने समर्पण से समाज में आशा और विश्वास का संचार करते हैं।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए रीवा की क्षेत्रीय संचालिका बीके लता दीदी ने कहा कि राजयोग मेडिटेशन चिकित्सकों को मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं तनावमुक्त जीवन प्रदान करता है। इस अवसर पर मुख्यालय से पधारे बीके राजू, मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. सुनील अग्रवाल तथा मुख्य अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने भी चिकित्सा सेवा की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बी. डी. त्रिपाठी एवं डॉ. नेहा त्रिपाठी द्वारा लिखित पुस्तक "दिल की आवाज – बच्चों में बढ़ता दृष्टिकोण" का लोकार्पण किया गया। समारोह के अंत में विभिन्न चिकित्सकों को विशेष प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इन आयोजनों के माध्यम से चिकित्सा सेवा के साथ आध्यात्मिक सशक्तिकरण एवं मानवीय मूल्यों का प्रेरणादायी संदेश दिया गया।


















