कोलकाता के कला मंदिर में ब्रह्माकुमारीज़ भवन, भवानीपुर द्वारा ‘खुशनुमा जीवन का आधार—संकल्प, संस्कार और संस्कृति’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आध्यात्मिकता, भारतीय संस्कृति, कला, शिक्षा, उद्योग एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक विशिष्ट व्यक्तित्वों ने सहभागिता की।
ईस्ट ज़ोन कोलकाता की निदेशिका बीके मुन्नी दीदी ने अतिथियों का स्वागत किया। इंडियन म्यूज़ियम के निदेशक डॉ. सायन भट्टाचार्य ने भारतीय संस्कृति एवं विरासत के महत्व पर विचार साझा किए। मणिपुरी नृत्यांगना प्रीति पटेल ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।
आर्ट एंड कल्चर विंग की चेयरपर्सन बीके चंद्रिका दीदी ने मुख्य संबोधन में
धैर्य, शांति, श्रेष्ठ संस्कारों एवं संस्कृति के संरक्षण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जागृत विवेक के आधार पर लिए गए निर्णायक कदम जीवन को सकारात्मक दिशा देते हैं।
रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ कल्चर के स्वामी वेद स्वरूपानंद जी ने भी अपने विचार रखे,
जबकि गायक अनीक धर ने संगीतमय प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि सूचना एवं सांस्कृतिक कार्य तथा पर्यटन विभाग की राज्य मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती ने भारतीय परंपराओं एवं जीवन-मूल्यों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर अफ्रीका की निदेशिका बीके वेदांत दीदी ने शुभकामनाएं दीं। कला, संस्कृति, उद्योग एवं सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाली विभिन्न विशिष्ट हस्तियों का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम में राजयोग ध्यान, शांति, आंतरिक खुशी, संस्कारों की शक्ति तथा ‘एक विश्व, एक परिवार’ की भावना को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।




























