ब्रह्माकुमारीज़ की 90 वर्षों की आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवा यात्रा के उपलक्ष्य में कोलकाता स्थित ब्रह्माकुमारीज़ ईस्टर्न जोन मुख्यालय, भवानीपुर में चार दिवसीय इनर एंपावरमेंट एंड सोशल ट्रांसफॉर्मेशन फेस्टिवल का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत इनर पीस, स्ट्रॉन्ग फैमिलीज, विकसित भारत विषय पर विशेष महिला पहल का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के माननीय राज्यपाल श्री आर. एन. रवि ने विशेष रूप से सहभागिता की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि
स्थायी सामाजिक परिवर्तन केवल बाहरी विकास से नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर शांति, मूल्यों और सकारात्मक दृष्टिकोण के विकास से संभव है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ के आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के निर्माण में ऐसी आध्यात्मिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
राज्यपाल महोदय ने ब्रह्माकुमारीज़ की 90 वर्षों की सेवा यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि
संस्था महिला नेतृत्व और आध्यात्मिकता के माध्यम से समकालीन चुनौतियों के समाधान का उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने ब्रह्मा बाबा द्वारा प्रारंभ किए गए इस आध्यात्मिक प्रयास का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्था आज भारतीय दर्शन, अध्यात्म और संस्कृति के संदेश को विश्वभर में पहुंचा रही है।
कार्यक्रम में अफ्रीका में ब्रह्माकुमारीज़ की निदेशिका बी.के. वेदांत दीदी तथा अहमदाबाद महादेव नगर सेवा केंद्रों की प्रभारी बी.के. चंद्रिका दीदी की गरिमामय उपस्थिति रही।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली नारी शक्तियों को भी सम्मानित किया गया। सम्मानित व्यक्तित्वों में वरिष्ठ पत्रकार भारती जैनानी, बी.डी. मेमोरियल विद्यालय के निदेशक सुमन सूद, प्रसिद्ध भारतीय तैराक एवं अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित पद्मश्री बुला चौधरी, कोलकाता फाउंडेशन की सह-निदेशक सौम्या वर्मा एवं महिमा वर्मा, काथा फाउंडेशन से जुड़ी श्यामलू दुदेजा एवं मल्लिका दुदेजा तथा जेटो एपेक्स लेडीज विंग की अध्यक्षा शीतल दुगर शामिल रहीं।
कार्यक्रम में राजयोग शिक्षिका बी.के. अंजलि और बी.के. सुप्रिया ने भी अपने भाव व्यक्त किए। वक्ताओं ने आंतरिक शांति, परिवार में सकारात्मक वातावरण और आत्मिक सशक्तिकरण को विकसित भारत के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि
सफलता के लिए समय का सदुपयोग आवश्यक है—आज का कार्य आज ही करना चाहिए। साथ ही, मन में तनाव और नकारात्मक विचारों का प्रभाव स्वास्थ्य पर पड़ता है, इसलिए सकारात्मक स्मृति और शांत मन को जीवन का आधार बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने ब्रह्माकुमारीज़ के राजयोग एवं आध्यात्मिक वातावरण से प्राप्त शांति और आत्मविश्वास के अनुभव भी साझा किए। विशेष रूप से यह संदेश उभरकर सामने आया कि इनर पीस और स्ट्रॉन्ग फैमिलीज के माध्यम से ही विकसित भारत की दिशा में सार्थक कदम बढ़ाया जा सकता है।
स्थानीय सेवा केंद्र की प्रभारी बी.के. मुन्नी दीदी के निर्देशन में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
शांति, आत्मिक सशक्तिकरण और संस्कारों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की प्रेरणा देता यह आयोजन विकसित भारत के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करता है।































