30 जून 2026 को विश्व सोशल मीडिया दिवस के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारीज़ योग भवन, मुंबई–घाटकोपर सब-ज़ोन द्वारा "रील या रियल? – द कॉन्शियस क्रिएटर्स मीट" का सफल आयोजन किया गया। इस विचारोत्तेजक कार्यक्रम में कंटेंट क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स, मीडिया प्रोफेशनल्स, डिजिटल स्टोरीटेलर्स, सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में युवाओं ने सहभागिता करते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में सकारात्मक एवं मूल्यनिष्ठ परिवर्तन लाने पर सार्थक मंथन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं कार्यक्रम की संकल्पना से परिचय के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रतिभागियों के लिए "टेलीफोन गेम" नामक रोचक गतिविधि आयोजित की गई, जिसके माध्यम से यह प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया गया कि एक संदेश व्यक्ति-से-व्यक्ति तक पहुँचते-पहुँचते किस प्रकार अपना वास्तविक स्वरूप बदल सकता है। इस गतिविधि ने वर्तमान डिजिटल युग में स्पष्ट, जिम्मेदार एवं जागरूक संवाद के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. सागर आहेरवाल ने किया। Big FM 92.7 के प्रसिद्ध रेडियो जॉकी एवं वॉइस ओवर आर्टिस्ट RJ दिलीप, जो अपने लोकप्रिय कार्यक्रम "लव यू ज़िंदगी" के लिए जाने जाते हैं, ने "द पावर ऑफ पॉज़िटिव कम्युनिकेशन – इन्फ्लुएंसिंग हार्ट्स थ्रू मीडिया" विषय पर प्रेरक विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि तकनीक हमारे संदेश को लाखों लोगों तक पहुँचा सकती है, किंतु लोगों के हृदय को स्पर्श करने की शक्ति केवल प्रामाणिकता, संवेदनशीलता, सकारात्मकता और वास्तविक जीवन के अनुभवों में निहित है। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स का आह्वान किया कि वे ऐसा कंटेंट तैयार करें जो आशा, विश्वास और रचनात्मक परिवर्तन का माध्यम बने।
91.1 रेडियो सिटी की लोकप्रिय रेडियो जॉकी RJ अर्चना, जो अपने प्राइम-टाइम मॉर्निंग शो "कस काय मुंबई" के लिए प्रसिद्ध हैं, ने "डिजिटल दुनिया में मानवीय रिश्तों का निर्माण" विषय पर अपने विचार साझा किए।
उन्होंने कहा कि स्क्रीन और एल्गोरिद्म से संचालित इस युग में वास्तविक मानवीय जुड़ाव पहले से अधिक आवश्यक हो गया है। उन्होंने सोशल मीडिया का उपयोग केवल प्रसिद्धि प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि विश्वास, करुणा और सार्थक संबंधों के निर्माण के लिए करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी विष्णुप्रिया बहन द्वारा कराए गए संगीतमय राजयोग मेडिटेशन ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को आंतरिक शांति, आत्मिक अनुभूति एवं गहन मौन का अनुभव कराया। डिजिटल दुनिया के निरंतर शोर के बीच यह सत्र आत्म-संपर्क एवं मानसिक विश्राम का एक सुंदर अवसर सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ब्रह्माकुमारीज़ मीडिया एवं जनसंपर्क सेवा के राष्ट्रीय संयोजक, आध्यात्मिक मार्गदर्शक एवं लोकप्रिय स्तंभकार राजयोगी ब्रह्माकुमार निकुंज का RJ दिलीप एवं RJ अर्चना के साथ हुआ विचारोत्तेजक संवाद रहा। इस संवाद में वर्चुअल और वास्तविक जीवन के बीच धुंधली होती सीमाओं पर सार्थक चर्चा हुई तथा प्रतिभागियों को संतुलित, सजग एवं जागरूक डिजिटल जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
राजयोगी ब्रह्माकुमार निकुंज ने कहा कि
व्यक्ति को बिना सोचे-समझे स्क्रॉल करने की आदत से निकलकर जागरूक एवं उद्देश्यपूर्ण डिजिटल सहभागिता की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने बताया कि डिजिटल संतुलन के लिए रचनात्मक गतिविधियाँ, श्रेष्ठ साहित्य का अध्ययन, नियमित राजयोग मेडिटेशन, शारीरिक व्यायाम तथा परिवार एवं प्रियजनों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि "संतुलित जीवन ही स्वस्थ डिजिटल जीवन की आधारशिला है।"
इस अवसर पर सभी विशिष्ट अतिथियों एवं वक्ताओं को मूल्यनिष्ठ एवं सकारात्मक संवाद को प्रोत्साहित करने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे अत्यंत प्रेरणादायी, व्यावहारिक एवं आज की डिजिटल पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने उन्हें अपनी ऑनलाइन उपस्थिति के उद्देश्य पर पुनर्विचार करने तथा अधिक जागरूकता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ सोशल मीडिया का उपयोग एवं कंटेंट निर्माण करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन इस प्रेरणादायी संदेश के साथ हुआ कि सोशल मीडिया जहाँ जनमत को प्रभावित करने की अपार क्षमता रखता है, वहीं जागरूक, जिम्मेदार एवं मूल्यनिष्ठ कंटेंट क्रिएटर्स समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करने की महत्वपूर्ण शक्ति रखते हैं।


























