नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र पर ‘स्वयं का सर्वश्रेष्ठ संस्करण बनना’ विषय पर एक प्रेरणादायी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्र सरकार के अधिकारियों, सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए राजयोग शिक्षक बीके पीयूष भाई ने कहा कि
दृढ़ संकल्प, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। उन्होंने बताया कि राजयोग मेडिटेशन के नियमित अभ्यास से व्यक्ति अपनी आंतरिक शक्तियों को जागृत कर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है।
विशिष्ट अतिथि असियाज शिपिंग कंपनी, मस्कट के समुद्री अधीक्षक श्री तरुण कुमार ने कहा कि
राजयोग के नियमित अभ्यास से एकाग्रता बढ़ती है, जिससे कम समय में अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करना संभव होता है।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ लोधी रोड सेवा केंद्र की संचालिका बीके गिरिजा दीदी ने कहा कि
कठिन परिस्थितियों में भी साहस, आत्मबल और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को अपने व्यक्तित्व के सर्वश्रेष्ठ स्वरूप को विकसित करने के लिए आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
कार्यशाला के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। इसके पश्चात सभी को सामूहिक राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया, जिससे उपस्थितजनों ने मानसिक शांति, आत्मिक सशक्तिकरण एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि आत्मपरिवर्तन के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में प्रत्येक व्यक्ति सक्रिय भूमिका निभाएगा।

























