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दिव्य नेत्र - Divine Eye - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
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दिव्य नेत्र - Divine Eye
दिव्य नेत्र - Divine Eye
32 unique murli dates in this topic
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32 murlis in हिंदी
02/02/1969
“अव्यक्त मिलन के अनुभव की विधि”
16/10/1969
“परखने की शक्ति को तीव्र बनाओ”
06/12/1969
“सरल स्वभाव से बुद्धि को विशाल और दूरांदेशी बनाओ”
02/02/1970
“आत्मिक पावर की परख”
19/06/1970
“त्रिमूर्ति लाइट्स का साक्षात्कार”
29/06/1970
“समर्पण का विशाल रूप”
06/08/1970
“बन्धनमुक्त आत्मा की निशानी”
23/10/1970
“महारथी बनने का पुरुषार्थ”
06/05/1971
“बापदादा का विशेष श्रृंगार - ‘नूरे-रत्न'”
27/07/1971
“बुद्धि रूपी नेत्र क्लीयर और पावरफुल बनाओ”
24/06/1972
“एवररेडी बन अन्तिम समय का आह्वान करो”
15/07/1973
“लगाव और स्वभाव के बदलने से विश्व-परिवर्तन”
23/09/1973
“विश्व की आत्माओं को लाइट व माइट देने वाला ही विश्व-अधिकारी”
18/07/1974
“सम्पूर्ण पवित्र वृत्ति और दृष्टि से श्रेष्ठ तकदीर की तस्वीर”
19/09/1975
“शक्तियों एवं पाण्डवों की विशेषतायें”
23/01/1976
“संकल्प, वाणी और स्वरूप के हाईएस्ट और होलीएस्ट होने से बाप की प्रत्यक्षता”
27/04/1983
“दृष्टि-वृत्ति परिवर्तन करने की युक्तियाँ”
09/05/1983
“ब्राह्मण जीवन का श्रृंगार - स्मृति, वृत्ति, और दृष्टि की स्वच्छता (पवित्रता)”
19/05/1983
“साक्षी दृष्टा कैसे बनें?”
05/03/1984
“शान्ति की शक्ति का महत्व”
23/01/1985
“दिव्य जन्म की गिफ्ट - दिव्य नेत्र”
11/11/1989
“दिव्यता - संगमयुगी ब्राह्मणों का श्रृंगार है”
23/11/1989
“वरदाता को राज़ी करने की सहज विधि”
20/01/1990
“ब्रह्मा बाप के विशेष पाँच कदम”
11/12/1991
“सत्यता की सभ्यता ही रीयल रॉयल्टी है”
02/03/1992
“महाशिवरात्रि मनाना अर्थात प्रतिज्ञा करना, व्रत लेना और बलि चढ़ना”
03/11/1992
“रूहानी रॉयल्टी सम्पन्न आत्माओं की निशानियां”
18/01/1994
“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान - स्नेह की शक्ति”
12/12/1998
“मेरे-मेरे का देह-अभिमान छोड़ ब्रह्मा बाप के कदम पर कदम रखो”
17/10/2003
“पूरा वर्ष - सन्तुष्टमणि बन सदा सन्तुष्ट रहना और सबको सन्तुष्ट करना''
02/02/2004
“पूर्वज और पूज्य के स्वमान में रह विश्व की हर आत्मा की पालना करो, दुआयें दो, दुआयें लो''
20/02/2005
“दिल से मेरा बाबा कहो और सर्व अविनाशी खजानों के मालिक बन बेफिक्र बादशाह बनो''