8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ के किंग्सवे कैंप, दिल्ली स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर के अंतर्गत संचालित रजत रश्मिया प्रोजेक्ट के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “महिलाएं – घर की शक्ति, घर का स्वर्ग” रहा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर लाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पूर्व उपराज्यपाल एवं आईपीएस अधिकारी डॉ. किरण बेदी उपस्थित रहीं।
उन्होंने अपने संबोधन में ब्रह्माकुमारी संस्था के साथ अपने पुराने और आत्मीय संबंधों को याद करते हुए कहा कि इस संस्था के साथ उनका जुड़ाव बहुत पुराना है और संस्था ने हमेशा उनके कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें इस कार्यक्रम का निमंत्रण मिला तो उन्हें ऐसा अनुभव हुआ जैसे यह एक आत्मिक पुकार हो, मानो ईश्वर के घर आने का निमंत्रण मिला हो।
डॉ. किरण बेदी ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि
जब उन्हें तिहाड़ जेल में कार्य करने की जिम्मेदारी मिली, तब उन्होंने वहां कई चुनौतियों और समस्याओं को देखा। उन्होंने महसूस किया कि इन समस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक उपायों से नहीं बल्कि आध्यात्मिक शक्ति और सकारात्मक विचारों से भी संभव है। इसी उद्देश्य से उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्था से सहयोग मांगा।
उन्होंने बताया कि
ब्रह्माकुमारीज़ की बहन शुक्ला दीदी के सहयोग से जेल में नियमित रूप से सत्संग और आध्यात्मिक सत्र शुरू किए गए। इन सत्रों का कैदियों पर बहुत सकारात्मक प्रभाव पड़ा। धीरे-धीरे उनके व्यवहार में परिवर्तन आने लगा और वातावरण में शांति और सकारात्मकता का संचार होने लगा।
डॉ. किरण बेदी ने ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि
संस्था के आध्यात्मिक मार्गदर्शन ने उनके प्रशासनिक दायित्वों को सफलतापूर्वक निभाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने महिलाओं को समाज और परिवार की वास्तविक शक्ति बताते हुए कहा कि जब महिलाएं आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाती हैं, तब वे सचमुच घर को स्वर्ग बना सकती हैं।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों को राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से शांति और आत्मिक शक्ति का अनुभव भी कराया गया। यह कार्यक्रम सभी के लिए प्रेरणादायक और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर रहा।

























