दिनांक 6 जुलाई 2026 को भारत-पाकिस्तान की ऐतिहासिक अटारी-वाघा सीमा पर आयोजित जनजागरण अभियान के माध्यम से ब्रह्माकुमारीज़, अमृतसर सेवा केंद्र ने लगभग 20,000 दर्शकों तक व्यसनमुक्ति, नैतिक मूल्यों एवं आध्यात्मिक जागरूकता का सशक्त संदेश पहुँचाया।
देशभक्ति के उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच ब्रह्माकुमारीज़ के भाई-बहनों ने "नशा मुक्त भारत" के संदेश वाली तख्तियों के साथ जन-जागरूकता रैली निकाली। प्रेरणादायी नारों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को नशे के विरुद्ध आवाज़ बुलंद करने तथा स्वस्थ, जागरूक एवं मूल्यनिष्ठ समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण व्यसनमुक्ति पर आधारित प्रेरक नाट्य प्रस्तुति रही, जिसमें तंबाकू, शराब, सिगरेट एवं अन्य नशों के दुष्परिणामों का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक में ईश्वरीय शक्ति एवं आत्मबल के माध्यम से व्यसनों पर विजय प्राप्त करने का संदेश देकर उपस्थित दर्शकों को आत्मजागृति के लिए प्रेरित किया गया।
इसके पश्चात भारत माता की भूमिका निभा रही बालिका ने भावपूर्ण संदेश देते हुए सभी से प्रत्येक प्रकार के नशे का त्याग करने का आह्वान किया तथा उपस्थित जनसमूह को नशामुक्त जीवन जीने की प्रतिज्ञा दिलाई। उन्होंने सभी को स्वयं की पहचान कर मन का स्वामी बनने और व्यसनों से मुक्त जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।
समारोह के समापन पर बीके डॉ. किरण ने सभी को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया। उन्होंने आंतरिक शांति, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच के माध्यम से व्यसनों पर विजय प्राप्त करने तथा आध्यात्मिक सशक्तिकरण द्वारा सुखी एवं स्वस्थ जीवन जीने का संदेश दिया।
यह जनजागरण अभियान समाज में व्यसनमुक्ति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक प्रभावशाली पहल सिद्ध हुआ।






















