4 जुलाई 2025 का दिन दावणगेरे (कर्नाटक) स्थित ब्रह्माकुमारीज सेवाकेंद्र के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखे जाने योग्य बन गया। वर्ष 1975 में स्थापित यह सेवाकेंद्र इस वर्ष अपनी स्वर्ण जयंती — यानी 50 वर्षों की गौरवशाली यात्रा — मना रहा है। इस विशेष अवसर को स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से एक विशेष डाक लिफाफा (पोस्टल एनवेलप) का विमोचन किया गया, जिसका उद्देश्य सर्व धर्मों में एक परमात्मा के सत्य संदेश को जन-जन तक पहुँचाना था।
इस विमोचन का उद्घाटन दावणगेरे की सांसद डॉक्टर श्रीमती प्रभा मल्लिकार्जुन के करकमलों द्वारा किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाक विभाग दावणगेरे के अधीक्षक श्री चंद्रशेखर थे। उनके साथ डाक विभाग के 100 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिससे यह कार्यक्रम अत्यंत गरिमामय बन गया।
इसी क्रम में ब्रह्माकुमारी वीणा (सेवाकेंद्र प्रभारी, शिरसी) द्वारा स्टैम्प एवं पोस्ट एग्जीबिशन का भी उद्घाटन किया गया, जिसमें आध्यात्मिकता और डाक सेवा के समन्वय का सुंदर संगम देखने को मिला।
ब्रह्माकुमारी लीला ने अपने संबोधन में कहा कि – "सर्व धर्मों के लिए परमात्मा एक ही है। हिंदू शिव को ईश्वर कहते हैं, मुसलमान अल्लाह, ईसाई जेहोवा, और सिख एक ओंकार निराकार – सब उसी परम सत्य का रूप हैं। जब हम इस राज़ को जानकर उसे स्वीकार करेंगे, तभी विश्व में सच्ची शांति स्थापित हो सकेगी, अन्यथा धर्म के नाम पर युद्ध होते रहेंगे।"
सांसद डॉ. प्रभा मल्लिकार्जुन ने कहा – "ब्रह्माकुमारीज ही एकमात्र ऐसी आध्यात्मिक संस्था है जो महिलाओं द्वारा संचालित है। यहां आकर मुझे अत्यंत सुख और आत्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। यह स्थान मेरी आत्मा की बैटरी को चार्ज करता है, जिससे मैं अनेक दिनों तक सक्रिय रह पाती हूँ। इस स्वर्ण महोत्सव पर मैं सभी भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं।"
डाक अधीक्षक श्री चंद्रशेखर ने विशेष रूप से उल्लेख किया – "दावणगेरे डाक विभाग के गठन के बाद यह पहला मौका है जब किसी पोस्टल एनवेलप का विमोचन हुआ है। और वह भी इतने पवित्र स्थान पर – यह मेरे लिए अत्यंत गौरव की बात है।"
यह आयोजन न केवल ब्रह्माकुमारीज की 50 वर्षों की सेवाओं को सम्मानित करने का अवसर था, बल्कि “सर्व धर्म – एक परमात्मा” की भावना को सामाजिक चेतना में पुनः स्थापित करने की एक सशक्त पहल भी रही।




















