उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में विश्वविद्यालय एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सहयोग से शक्ति संवर्धन युवती सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में हजारों छात्राओं, महिलाओं, विभिन्न महिला संगठनों की प्रतिनिधियों तथा विश्वविद्यालय की विदुषी महिलाओं ने सहभागिता कर नारी शक्ति और महिला सशक्तिकरण का प्रेरणादायी संदेश दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कानपुर कल्याणपुर से वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक बी.के. प्रकाश भाई, विश्वविद्यालय के कुलपति की धर्मपत्नी वंदना पाठक तथा मुंबई से पधारीं बी.के. ऋतु ने दीप प्रज्वलित करके किया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता बी.के. ऋतु ने
छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वास्तविक महिला सशक्तिकरण के लिए आध्यात्मिक जागरूकता, राजयोग मेडिटेशन, जीवन मूल्यों की समझ और दैवी गुणों को अपने जीवन में धारण करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवतियों को अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानने, सकारात्मक विचारों को अपनाने और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
अपने मार्गदर्शन में उन्होंने सभी को आंतरिक शक्ति का अनुभव करने तथा स्वयं को शक्तिस्वरूपा मानने का अभ्यास कराया। उन्होंने समझाया कि जब हम अपनी दिव्य शक्तियों को पहचानकर उन्हें जीवन में धारण करते हैं, तो आत्मविश्वास, साहस और सकारात्मकता के साथ हर परिस्थिति का सामना कर सकते हैं।
सम्मेलन ने युवतियों को अपने संस्कारों को सशक्त बनाने, आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने तथा एक सशक्त, संस्कारवान और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।
नारी शक्ति का जागरण केवल बाहरी सशक्तिकरण नहीं, बल्कि आंतरिक शक्तियों की पहचान, श्रेष्ठ संस्कारों की धारणा और आध्यात्मिक चेतना का विकास भी है। यही इस प्रेरणादायी सम्मेलन का मुख्य संदेश रहा।



















