7 जून 2026 को रूस, मॉस्को स्थित ब्रह्माकुमारीज़ की निदेशिका बीके सुधा दीदी का कजाकिस्तान के अलमाटी में हुआ आध्यात्मिक प्रवास स्थानीय आध्यात्मिक परिवार के लिए एक स्मरणीय एवं प्रेरणादायी अनुभव सिद्ध हुआ। इस विशेष प्रवास के दौरान बीके सुधा दीदी ने ज्ञान, राजयोग और आध्यात्मिक अनुभूतियों से परिपूर्ण अनेक सत्रों के माध्यम से ब्रह्मावत्सों को आत्मपरिवर्तन, आत्मसम्मान, परिवार भावना तथा ईश्वरीय सेवा के गहन रहस्यों से अवगत कराया।
अलमाटी, अक्टोबे तथा बिश्केक के ब्रह्माकुमारीज़ सदस्यों ने बीके सुधा दीदी के आध्यात्मिक अनुभवों और मार्गदर्शन का लाभ प्राप्त किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने “परिवार और यज्ञ के प्रति प्रेम” विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सच्चा आत्मसम्मान और आत्मप्रेम ही ईश्वरीय परिवार, सेवा तथा परमात्म प्रेम का सुदृढ़ आधार है। उन्होंने सभी को आत्मिक स्थिति में स्थित रहकर प्रेम, सहयोग और एकता की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
प्रवास के दौरान बीके सुधा दीदी ने महात्मा गांधी पार्क, सायरन झील, अलमा अरासन घाटी तथा अन्य प्राकृतिक स्थलों पर ब्रह्माकुमारीज़ सदस्यों के साथ समय व्यतीत किया। इन आध्यात्मिक भ्रमणों में योगाभ्यास, ज्ञान चर्चा, प्रश्नोत्तर सत्र तथा आत्मिक अनुभवों का सुंदर संगम देखने को मिला, जिससे उपस्थित सभी भाई-बहनों को गहन आध्यात्मिक अनुभूतियाँ प्राप्त हुईं।
विशेष ध्यान एवं योग सत्रों में स्व-सेवा, विश्व सेवा, कर्मातीत अवस्था, कर्मयोग तथा दिव्य गुणों की पहचान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इन सत्रों ने उपस्थित साधकों को अपने आध्यात्मिक जीवन को और अधिक सशक्त बनाने तथा ईश्वरीय सेवा में नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
बीके सुधा दीदी का यह प्रवास ज्ञान, योग और आध्यात्मिक सशक्तिकरण का एक अनुपम संगम रहा, जिसने कजाकिस्तान के ब्रह्माकुमारीज़ परिवार के सदस्यों के हृदय में नई उमंग, आत्मविश्वास और ईश्वरीय प्रेम का संचार किया।























