21 जून 2026 को 11,500 फीट की ऊँचाई पर स्थित लेह-लद्दाख के महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में आध्यात्मिकता और योग का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर दुनिया के लगभग 30 देशों से आए प्रतिभागियों ने सहभागिता की और योग, ध्यान एवं शांति के संदेश को आत्मसात किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुस्लिम मंच के संयोजक डॉ. इंद्रेश कुमार तथा ब्रह्माकुमारीज़ दिल्ली ग्रेटर कैलाश-2 की प्रभारी बीके संगीता विशेष रूप से उपस्थित रहीं। बीके संगीता ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए
कहा कि योग और प्राणायाम शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक हैं, लेकिन मन की शक्ति, सकारात्मक सोच तथा आसुरी प्रवृत्तियों के निवारण के लिए राजयोग ध्यान अधिक प्रभावी है। उन्होंने राजयोग ध्यान का अभ्यास भी उपस्थित लोगों को कराया, जिससे प्रतिभागियों ने शांति एवं आत्मिक सशक्तिकरण का अनुभव किया।
समापन समारोह में महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर के संस्थापक भिक्षु संगसेन ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा की जा रही ईश्वरीय सेवाओं की सराहना की। उन्होंने इस आयोजन को मानवता के लिए प्रेरणादायक बताया।
महोत्सव के दौरान बीके संगीता ने महाबोधि रेजिडेंशियल स्कूल का भी दौरा किया, जहाँ शिक्षकों, विद्यार्थियों और बुद्धिजीवियों के साथ आत्मिक शांति, मूल्यनिष्ठ जीवन और राजयोग ध्यान पर सार्थक संवाद हुआ।
सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में उच्च पर्वतीय स्थानों (लगभग 17,000 फीट ऊँचाई तक) पर भी योग एवं ध्यान शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें प्रतिभागियों ने गहन ध्यान और साधना का अनुभव प्राप्त किया। 250 एकड़ क्षेत्र में आयोजित इन गतिविधियों में बड़े स्तर पर सहभागिता रही तथा ध्यान एवं योग को दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।
गुजरात के मालिया हटीना स्थित डायमंड पैलेस सेवा केंद्र से संबंधित “देवालय से देवत्व की ओर” कार्यक्रम का विवरण आंशिक रूप से प्राप्त हुआ है, जिसका पूर्ण विवरण उपलब्ध नहीं है।
यह संपूर्ण आयोजन विश्व शांति, आत्मिक जागृति और सकारात्मक जीवनशैली की दिशा में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पहल के रूप में देखा गया।
























