राजयोगी बी.के. बृजमोहन जी, महासचिव, ब्रह्माकुमारी संस्थान के देहावसान के पश्चात् देश और विश्व के अनेक प्रमुख नेताओं एवं आध्यात्मिक विभूतियों ने अपनी गहन संवेदनाएँ एवं श्रद्धांजलि संदेश प्रेषित किए हैं। दिनांक 14 अक्टूबर 2025 को राज्यपाल, कर्नाटक श्री थावरचंद गेहलोत ने अपने संदेश में कहा कि
"राजयोगी बी.के. बृजमोहन जी का निधन वैश्विक आध्यात्मिक समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने राजयोग ध्यान के माध्यम से असंख्य व्यक्तियों को आत्मजागरण एवं जीवन रूपांतरण की दिशा में प्रेरित किया। उनकी सादगी, सेवा भावना और निष्ठा युगों-युगों तक प्रेरणा देती रहेगी।"
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 अक्टूबर 2025 को अपने संदेश में कहा कि
"राजयोगी बृजमोहन भाईजी का जीवन आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और विश्व कल्याण के लिए समर्पित रहा। गीता ज्ञान के ज्ञाता एवं भारतीय संस्कृति के प्रखर प्रवक्ता के रूप में आपने देश-विदेश में भारत की 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना को जीवंत किया। आपका देहावसान समाज और अध्यात्म दोनों ही क्षेत्रों की अपूरणीय क्षति है। बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को परमपिता परमात्मा के चरणों में स्थान मिले।"
महामहिम दलाई लामा ने 13 अक्टूबर 2025 को अपने संदेश में लिखा –
"मैं राजयोगी बी.के. बृजमोहन जी के निधन से अत्यंत दुखी हूँ। उन्होंने अपना जीवन दूसरों की सेवा में समर्पित कर दिया। शायद उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम भी उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए दूसरों की निःस्वार्थ सेवा करें।"
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जगत प्रकाश नड्डा ने 12 अक्टूबर 2025 को मोहनी दीदी जी को संबोधित अपने संदेश में लिखा –
"मुझे यह जानकर अति दुःख हुआ है कि भ्राता श्री ब्रजमोहन जी, जो ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के महासचिव थे, उनका 9 अक्टूबर 2025 को देहांत हो गया है। वे 22 वर्ष की आयु में ही संस्था से जुड़ गए थे और 92 वर्ष तक ब्रह्मचर्य व्रत धारण कर निरंतर आध्यात्मिक सेवा में लगे रहे। वे सदैव हर्षित मुख, अथक सेवाधारी और समाज सेवा के प्रतीक रहे। मैं ऐसी महान आत्मा को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ। ॐ शांति शांति शांति।"
दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने 11 अक्टूबर 2025 को अपने संवेदना संदेश में लिखा –
"राजयोगी बी.के. बृजमोहन जी ब्रह्माकुमारी संस्थान की आध्यात्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों के प्रमुख स्तंभ थे। उन्होंने संस्था के संगठन, विस्तार और जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 'Purity', 'Gyanamrit' एवं 'World Renewal' पत्रिकाओं के माध्यम से संस्था के सिद्धांतों का व्यापक प्रसार हुआ तथा ओम् शांति रिट्रीट सेंटर, गुरुग्राम (ORC) की स्थापना में भी उनका उल्लेखनीय योगदान रहा। उनका निधन आध्यात्मिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शाश्वत शांति प्रदान करें। ॐ शांति।"
राजयोगी बी.के. बृजमोहन जी के प्रति इन श्रद्धांजलि संदेशों ने उनके जीवन के उच्च आदर्शों, सेवा भावना और मानवता के कल्याण के प्रति उनकी गहन निष्ठा को पुनः जीवंत कर दिया है। उनका दिव्य व्यक्तित्व और प्रेरक योगदान सदा स्मरणीय रहेगा।






















