उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के वैज्ञानिक, अभियंता एवं वास्तुकार प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक बीके भारत भूषण भाई ने तीन प्रेरणादायक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, सीआरपीएफ प्रशिक्षार्थियों और शहरवासियों को आत्मशक्ति, सकारात्मक चिंतन तथा आंतरिक नेतृत्व का महत्व समझाया।
सीआरपीएफ प्रशिक्षार्थियों को दिया तनावमुक्त रहने का संदेश
सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर, अमेठी में “Enhancing Your Inner Powers” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उप महानिरीक्षक डॉ. निशीद कुमार ने बीके भारत भूषण भाई और सुल्तानपुर सेवा केंद्र की प्रभारी बीके दुर्गा का स्वागत किया। इस अवसर पर 2,000 से अधिक प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए बीके भारत भूषण भाई ने कहा कि आत्म-जागरूकता और सकारात्मक सोच से मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है। इनके नियमित अभ्यास से विपरीत परिस्थितियों में भी मन को शांत और स्थिर रखने की शक्ति विकसित होती है।
विद्यार्थियों को बताया आंतरिक नेतृत्व का महत्व
कमला नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान में “Inner Leadership, Outer Excellence” विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्थान के कार्यवाहक निदेशक प्रोफेसर यू.के. माहेश्वरी ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के संयोजक प्रोफेसर सुजीत अग्रवाल सहित शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
बीके भारत भूषण भाई ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए बताया कि बाहरी क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले अपने विचारों और भावनाओं को समझना तथा उन पर नियंत्रण रखना आवश्यक है। आंतरिक शक्ति, आत्म-जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्ति को जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाते हैं।
शहरवासियों को दिया जीवन सरल बनाने का संदेश
सुल्तानपुर स्थित विश्व शांति भवन में “ज़िंदगी बने आसान” विषय पर तीसरा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिला भाजपा नेता अखिलेश तिवारी तथा अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल से हिमांशु मालवीय सहित शहर के अनेक गणमान्य नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम में मीना पांडे, उमेश प्रताप सिंह, डॉ. पी.पी. पांडे, नरेंद्र शुक्ला और शिवाकांत द्विवेदी सहित सैकड़ों लोगों की उपस्थिति रही।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से बीके भारत भूषण भाई ने संदेश दिया कि जीवन में स्थायी शांति, सफलता और संतुलन के लिए बाहरी उपलब्धियों के साथ-साथ आंतरिक शक्तियों का विकास भी आवश्यक है। सकारात्मक सोच, आत्म-जागरूकता और आध्यात्मिक अभ्यास से व्यक्ति अपने जीवन को अधिक सहज, शांतिपूर्ण और प्रभावशाली बना सकता है।
ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान का यह प्रयास समाज के विभिन्न वर्गों तक आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग मेडिटेशन का संदेश पहुँचाकर उन्हें तनावमुक्त, सशक्त और सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।



















