
खुशी का असली स्रोत: वस्तुओं में या हमारे विचारों में?
BK Shivani
Essence
पिछली बार हमने एक महत्वपूर्ण प्रश्न पूछा था— _ क्या खुशी destination पर मिलती है, या journey में create की जा सकती है?_
अब Being Bliss हमें एक और गहरे प्रश्न के सामने खड़ा करता है...
हम बचपन से सीखते आए हैं—
नई चीज़ मिलेगी तो खुशी मिलेगी। अच्छी job मिलेगी तो खुशी मिलेगी। बड़ा घर, बड़ी गाड़ी, ज्यादा पैसा... अच्छी job मिलेगी तो खुशी मिलेगी। बड़ा घर, बड़ी गाड़ी, ज्यादा पैसा... तो खुशी अपने आप आ जाएगी।
लेकिन क्या हमने कभी रुककर यह सोचा है...
अगर कोई वस्तु खुशी देती है, तो <u>वही वस्तु हर व्यक्ति को और हर समय खुश क्यों नहीं करती?</u>
क्यों कभी वही चीज़ हमें बेहद खुशी देती है... और कभी वही चीज़ कोई फर्क ही नहीं डालती?
क्या हम सचमुच वस्तुओं से खुश होते हैं...
या उस समय अपने मन में कुछ और create कर रहे होते हैं?
Being Bliss का यह episode हमारी वर्षों पुरानी programming को एक नए दृष्टिकोण से देखने का निमंत्रण देता है।
कहीं ऐसा तो नहीं कि हम खुशी का source बाहर खोज रहे हैं... जबकि कहानी कुछ और ही है?



