
18- मेरी Destiny… कौन लिख रहा है?
BK Shivani
Essence
कभी हमने खुद से यह पूछा है… मेरी Destiny… कौन लिख रहा है?
जब जीवन में कुछ अच्छा या बुरा होता है… हम कितनी जल्दी कह देते हैं— “भगवान की मर्ज़ी होगी…” “मेरी किस्मत ही ऐसी है…”
लेकिन अगर यही हमारी belief system बन जाए… तो क्या हम अपनी life में कुछ बदलने की कोशिश भी करेंगे?
दूसरी तरफ़ हम यह भी मानते हैं— “जैसा कर्म, वैसा फल।”
तो फिर… क्या ये दोनों beliefs सच में एक साथ सही हो सकते हैं?
Being Bliss हमें एक गहरे सवाल तक ले जाता है— क्या हर परिस्थिति को सिर्फ़ “भगवान की मर्ज़ी” मान लेना हमें empower करता है… या हमारे हाथ से कुछ छीन लेता है?
और अगर पुराने karmic accounts हमारे सामने आ भी रहे हैं… तो क्या कहानी वहीं खत्म हो जाती है?
या फिर… हर moment में हम अपने आने वाले कल के लिए कुछ नया create कर रहे हैं? मेरी Destiny… कौन लिख रहा है?



