
08 - लत छोड़ने के लिए प्रेरणा क्यों जरूरी है?
BK Shivani, BK Dr Girish Patel
Giving up Addictions
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Giving up Addiction 9
BK Shivani · 28:40
Essence
इस ऑडियो में समझाया गया है कि किसी भी आदत या व्यसन से बाहर आने के लिए सबसे पहले प्रेरणा जरूरी है। जब तक अंदर से छोड़ने की सच्ची इच्छा नहीं जागती, तब तक जानकारी, सलाह या डर भी पूरी तरह काम नहीं करते। व्यक्ति किसी आदत के अधीन है, वह अंदर से कमजोर महसूस कर सकता है। ऐसे समय में परिवार, मित्र या कोई अपना उसे शक्ति दे, आलोचना या नफरत नहीं। आदत को स्वीकार नहीं करना है, पर व्यक्ति को प्रेम और सम्मान के साथ स्वीकार करना है। बहुत सुंदर बात कही गई है कि व्यक्ति और उसकी आदत अलग हैं। “इस आदत के बावजूद मैं तुम्हें स्वीकारता हूँ” — यह भाव परिवर्तन में मदद करता है। लेकिन “तुम यह करते हो इसलिए मैं तुम्हें पसंद नहीं करता” — यह भावना व्यक्ति को और दूर कर देती है। इस में यह भी बताया गया है कि केवल जानकारी हमेशा प्रेरणा नहीं देती। कई बार किसी अपने की बात, बच्चे का प्रेम, कोई अनुभव या अपने ही मुख से निकला सत्य, अंदर जागृति ला सकता है। जब व्यक्ति खुद समझता है कि यह आदत नुकसान कर रही है, तभी बदलाव शुरू होता है। जब व्यक्ति स्वयं को आत्मा, मन का मालिक और शक्तिशाली अनुभव करता है, तो आत्मबल बढ़ता है। राजयोग मेडिटेशन द्वारा परमात्मा का निःस्वार्थ प्रेम और स्वीकार्यता आत्मा में बल भरता हैं, जिससे बाहरी सहारों की जरूरत कम होने लगती है। परिवर्तन के लिए तीन प्रश्न महत्वपूर्ण बताए गए हैं — मुझे क्यों बदलना है? मैं कैसे बदलूँगा? क्या मैं सच में बदलना चाहता हूँ? जब तीसरे प्रश्न का उत्तर भीतर से “हाँ” हो जाता है, तब परिवर्तन सहज हो जाता है। सार / Essence: व्यसन से मुक्ति की शुरुआत भीतर जागी सच्ची प्रेरणा से होती है। प्रेम, स्वीकार्यता, आत्म-सम्मान और परमात्म शक्ति से व्यक्ति फिर से अपने जीवन का मालिक बन सकता है।
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