
Rog Ko Badlo Yog Me
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Lyrics
रोग को बदलो योग में ये बूटी है भगवान की
रोग को बदलो योग में ये बूटी है भगवान की
कई रोगों का खुल जाए ताला ये दवा है ज्ञान की
जब तक इसपे विजय न पाओ
हर युवा को इससे छुड़ाओ
जब तक इसपे विजय न पाओ
हर युवा को इससे छुड़ाओ
बस जरूरत आव्हान की
बस जरूरत आव्हान की
रोग को बदलो योग में
रोग रहे ना शोक रहे ना दुखों का कोई बोझ रहें
योग से मिलती पावन काया विकारों का कोई भोग न रहें
योग ही है संजीवनी बूटी दवा हर इंसान की
कई रोगों का खुल जाए ताला ये दवा है ज्ञान की
रोग को बदलो योग में
शान्ति से भर जाए तन मन रोग ना कोई सताये
ये वो आत्मा अनुभव करती जो शिव से योग लगाए
निरोगी काया पाने लिए लगन हो ज्ञान स्नान की
कई रोगों का खुल जाए ताला ये दवा है ज्ञान की
रोग को बदलो योग में
योग से मिलती निर्मल काया सदा के लिए सुखदायी
अविनाशी उस वैद्य शिव ने दवा अनोखी बताई
सदा स्वस्थ बनने लिए जरूरत है बस ध्यान की
कई रोगों का खुल जाए ताला ये दवा है ज्ञान की
रोग को बदलो योग में ये बूटी है भगवान की
रोग को बदलो योग में ये बूटी है भगवान की
कई रोगों का खुल जाए ताला ये दवा है ज्ञान की
जब तक इसपे न विजय पाओ
हर युवा को इससे छुड़ाओ
जब तक इसपे न विजय पाओ
हर युवा को इससे छुड़ाओ
बस जरूरत आव्हान की
बस जरूरत आव्हान की
रोग को बदलो योग में



