
“जब किसी दोस्त की बात, मज़ाक या सोशल मीडिया पर तुलना करने से खुद को कम समझने लगें ”
ओम शांति ! एक गहरी सांस लेकर.. धीरे-धीरे छोड़ें.. और एकदम रिलैक्स हो जाइए .. अपनी आंखें बंद कीजिए.. बाहरी दर्पण को थोड़ी देर के लिए छोड़ दें.. और चलें अपनी अंतरात्मा के दर्पण की ओर — जहां आपका सच्चा रूप है.. सच्चा सौंदर...
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