
“जब जीवन में सब कुछ बेकार लग रहा हो,और समझ न आ रहा हो कि क्या करें, तब यह ध्यान आपको शांति देगा और मन को धैर्य से भर देगा।”
Life stages
ओम शांति ! स्वयं को देखते हैं.. भृकुटि के मध्य में.. शरीर को चलाने वाली.. मैं चैतन्य शक्ति आत्मा हूं ! मैं शक्तिशाली आत्मा हूं! संसार में कई सारी परिस्थितियां हैं.. उन परिस्थितियों के बीच रहते हुए.. मैं उनसे परे हू...
Same topic and language
Broader matches from the same life stage and language