
“जब अपनी गलतियों का बोझ मन को थका दे और आत्मग्लानि से शांति खो जाए, तब यह ध्यान आत्म-शांति और नई शुरुआत की राह दिखाता है।”
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Life stages
ओम शांति !
कुछ क्षण स्वयं को देते हैं.. स्वयं को देखें.. मैं एक शक्ति हूं.. दो नेत्रों के बीच.. भ्रुकुटी के मध्य.. शरीर को चलाने वाली ऊर्जा .. अपने मन को चेक करते हैं.. मन के विचारों की गति को धीमी करते हैं.. विचारों की ट्रैफिक को रोक लेते हैं.. मन को आराम देते हैं !
अपने बीते हुए कल की गलतियों को सोचकर.. मन भारी हो गया है.. थक गया है.. उसे शांत कर देते हैं.. जो कुछ हुआ.. वह पास्ट था.. जो भी गलतियां मुझसे हुई है.. उसका बोझ मेरे वर्तमान को डिस्ट्रॉय कर रहा है.. उन गलतियों से.. शिक्षा लेकर.. अब मुझे आगे बढ़ना है.. पास्ट का बोझ.. अपने मन से उतार दे.. स्वयं को माफ करते हुए.. नई शिक्षाओं के साथ.. नई उर्जा के साथ.. नई शुरुआत करते हैं..
आई लेट गो माय पास्ट ! आई रिलीज माय पास्ट ! आई फॉर गिव माय सेल्फ फॉर एवरीथिंग.. आई एम पावरफुल सोल। मैं शक्तिशाली आत्मा हूं !
मेरा वर्तमान और मेरा भविष्य.. मेरे हाथ में है .. मैं अपनी जीवन यात्रा खुशी से बिताऊंगी.. बिना किसी बोझ के.. बिना किसी गिल्ट के.. मैं खुशनुमा आत्मा हूं! शक्तिशाली आत्मा हूँ ।
ओम शांति शांति शांति !
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