ब्राह्मण परिवार - Brahmin Family

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18/01/1980“स्मृति दिवस पर बापदादा की बच्चों प्रति शिक्षायें”10/01/1982“स्वराज्य अधिकारी आत्माओं का आसन - कर्मातीत स्टेज”14/12/1983“प्रभु परिवार - सर्वश्रेष्ठ परिवार”27/02/1986“रूहानी सेना कल्प-कल्प की विजयी”01/03/1986“होली हंस बुद्धि, वृत्ति दृष्टि और मुख”25/03/1986“होली का रहस्य”29/03/1986“शक्तिशाली रचना श्रेष्ठ संकल्प की रचना”31/03/1986“सर्व शक्ति-सम्पन्न बनने तथा वरदान पाने का वर्ष”31/12/1986“पास्ट, प्रेजन्ट और फ्यूचर को श्रेष्ठ बनाने की विधि”01/10/1987“ईश्वरीय स्नेह - जीवन परिवर्तन का फाउण्डेशन है”25/10/1987“चार बातों से न्यारे बनो”18/01/1988“‘स्नेह’ और ‘शक्ति’ की समानता”01/03/1990“ब्राह्मण-जीवन का फाउण्डेशन - दिव्य बुद्धि और रूहानी दृष्टि”07/03/1990“रूलिंग तथा कन्ट्रोलिंग पॉवर से स्वराज्य की प्राप्ति”31/12/1990“तपस्या ही बड़े ते बड़ा समारोह है, तपस्या अर्थात् बाप से मौज मनाना”26/10/1991“तपस्या का प्रत्यक्ष-फल - खुशी”11/12/1991“सत्यता की सभ्यता ही रीयल रॉयल्टी है”18/01/1992“बाप से स्नेह की निशानी - बाप समान बनना”15/04/1992“ब्राह्मणों की दो निशानियाँ - निश्चय और विजय”03/11/1992“रूहानी रॉयल्टी सम्पन्न आत्माओं की निशानियां”18/11/1993“संगमयुग के राजदुलारे सो भविष्य के राज्य अधिकारी”09/12/1993“एकाग्रता की शक्ति से दृढ़ता द्वारा सहज सफलता की प्राप्ति”13/12/1995“व्यर्थ बोल, डिस्टर्ब करने वाले बोल से स्वयं को मुक्त कर बोल की एकॉनॉमी करो”31/12/1995“डायमण्ड वर्ष में फरिश्ता बनकर बापदादा की छत्रछाया और प्यार की अनुभूति करो”06/03/1997“शिव जयन्ती की गिफ्ट - मेहनत को छोड़ मुहब्बत के झूले में झूलो”28/11/1997“बेहद की सेवा का साधन - रूहानी पर्सनैलिटी द्वारा नज़र से निहाल करना”30/03/1999“तीव्र पुरुषार्थ की लगन को ज्वाला रूप बनाकर बेहद के वैराग्य की लहर फैलाओ”25/11/2000“बाप समान बनने के लिए दो बातों की दृढ़ता रखो - स्वमान में रहना है और सबको सम्मान देना है”16/12/2000“साक्षात ब्रह्मा बाप समान कर्मयोगी फरिश्ता बनो तब साक्षात्कार शुरू हो”31/12/2000“बचत का खाता जमा कर अखण्ड महादानी बनो”18/01/2001“यथार्थ स्मृति का प्रमाण - समर्थ स्वरूप बन शक्तियों द्वारा सर्व की पालना करो”14/11/2002“ब्राह्मण जीवन का फाउण्डेशन और सफलता का आधार - निश्चयबुद्धि”15/12/2002“समय प्रमाण लक्ष्य और लक्षण की समानता द्वारा बाप समान बनो”17/10/2003“पूरा वर्ष - सन्तुष्टमणि बन सदा सन्तुष्ट रहना और सबको सन्तुष्ट करना''30/11/2003“चारों ही सबजेक्ट में अनुभव की अथॉरिटी बन समस्या को समाधान स्वरूप में परिवर्तन करो''20/03/2004“इस वर्ष को विशेष जीवनमुक्त वर्ष के रूप में मनाओ, एकता और एकाग्रता से बाप की प्रत्यक्षता करो''15/10/2004“एक को प्रत्यक्ष करने के लिए एकरस स्थिति बनाओ, स्वमान में रहो, सबको सम्मान दो''04/09/2005“शिक्षा के साथ क्षमा और रहम को अपना लो, दुआयें दो, दुआयें लो तो आपका घर आश्रम बन जायेगा”15/11/2005“सच्चे दिल से बाप व परिवार के स्नेही बन मेहनत मुक्त बनने का वायदा करो और फायदा लो''31/12/2005“नये वर्ष में अपने पुराने संस्कारों को योग अग्नि में भस्म कर ब्रह्मा बाप समान त्याग, तपस्या और सेवा में नम्बरवन बनो''25/02/2006“आज उत्सव के दिन मन के उमंग-उत्साह द्वारा माया से मुक्त रहने का व्रत लो, मर्सीफुल बन मास्टर मुक्तिदाता बनो, साथ चलना है तो समान बनो''14/03/2006“परमात्म मिलन की अनुभूति के लिए उल्टे मैं पन को जलाने की होली मनाओ, दृष्टि की पिचकारी द्वारा सर्व आत्माओं को सुख, शान्ति, प्रेम, आनन्द का रंग लगाओ''31/12/2006“नये वर्ष की नवीनता - ''दृढ़ता और परिवर्तन शक्ति से कारण व समस्या शब्द को विदाई दे निवारण व समाधान स्वरूप बनो“02/04/2008”इस वर्ष चारों ही सब्जेक्ट में अनुभव की अथॉरिटी बनो, लक्ष्य और लक्षण को समान बनाओ”

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