Command Palette
Search for a command to run...
Loading topic
Brahma Kumaris
Murli
Home
Murli Search
Murli Topics
Murli Chintan
AI Murli Chintan (ChatGPT)
Languages
E
English
ह
हिंदी
ગ
ગુજરાતી
త
తెలుగు
Library
Overview
Favorites
Notes & Highlights
Collections
Tracker
Settings
BKOne
Toggle Sidebar
Brahma Kumaris
Murli
Home
Library
Settings
BKOne
Search
K
Toggle theme
Home
Search
BKOne
Library
Settings
Fearful-भयभीत - Avyakt Murli Topic | Brahma Kumaris Murli Portal
Home
Topics
Fearful-भयभीत
Fearful-भयभीत
32 unique murli dates in this topic
English
हिंदी
ગુજરાતી
తెలుగు
32 murlis in हिंदी
03/10/1969
“सम्पूर्ण समर्पण की निशानियां”
24/01/1970
“ब्राह्मणों का मुख्य धंधा - समर्पण करना और कराना”
25/01/1970
“यादगार कायम करने की विधि”
07/06/1970
“दिव्य मूर्त बनने की विधि”
19/09/1972
“मजबूरियों को समाप्त करने का साधन - मजबूती”
09/01/1975
“सम्पूर्ण बनने में सबसे बड़ा विघ्न अलबेलापन”
13/09/1975
“विश्व-परिवर्तन ही ब्राह्मण जीवन का विशेष कर्तव्य है”
10/01/1977
“जैसा लक्ष्य वैसा लक्षण”
14/04/1977
“श्रेष्ठ तकदीर की तस्वीर”
03/05/1977
“कर्मों की अति गुह्य गति”
16/05/1977
“माया के वार का सामना करने के लिए दो शक्तियों की आवश्यकता”
31/05/1977
“विश्व कल्याण करने का सहज साधन है श्रेष्ठ संकल्पों की एकाग्रता”
20/06/1977
“सदा सहजयोगी बनने का साधन है - महादानी बनना”
02/01/1978
“ज्ञान चन्द्रमा और ज्ञान सितारों की रिमझिम”
01/12/1978
“सर्व खजानों की चाबी - एकनामी बनना”
29/03/1981
“ज्ञान का सार ‘मैं और मेरा बाबा’”
08/01/1982
“लण्डन ग्रुप के साथ अव्यक्त बापदादा की मुलाकात”
18/12/1987
“कर्मातीत स्थिति की गुह्य परिभाषा”
31/12/1989
“वाचा सेवा के साथ मन्सा सेवा को नेचुरल बनाओ, शुभ भावना सम्पन्न बनो”
13/10/1992
“नम्बरवन बनना है तो ज्ञान और योग को स्वरूप में लाओ”
03/11/1992
“रूहानी रॉयल्टी सम्पन्न आत्माओं की निशानियां”
20/12/1992
“आज्ञाकारी ही सर्व शक्तियों के अधिकारी”
09/01/1993
“अव्यक्त वर्ष मनाना अर्थात् सपूत बन सबूत देना”
09/12/1993
“एकाग्रता की शक्ति से दृढ़ता द्वारा सहज सफलता की प्राप्ति”
23/12/1993
“पवित्रता के दृढ़ व्रत द्वारा वृत्ति का परिवर्तन”
17/11/1994
“हर गुण व शक्ति के अनुभवों में खो जाना अर्थात् खुशनसीब बनना”
18/01/1996
“सदा समर्थ रहने की सहज विधि - शुभचिंतन करो और शुभचिंतक बनो”
03/04/1997
“पुराने संस्कारों को खत्म कर अपने निजी संस्कार धारण करने वाले एवररेडी बनो”
14/12/1997
“व्यर्थ और निगेटिव को अवाइड कर अवार्ड लेने के पात्र बनो”
16/12/2000
“साक्षात ब्रह्मा बाप समान कर्मयोगी फरिश्ता बनो तब साक्षात्कार शुरू हो”
20/02/2001
“शिव जयन्ती, व्रत लेने और सर्व समर्पण होने का यादगार है''
30/11/2004
“अभी अपने चलन और चेहरे द्वारा ब्रह्मा बाप समान अव्यक्त रूप दिखाओ, साक्षात्कार मूर्त बनो''