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23/01/1977“महीनता ही महानता है”03/05/1977“कर्मों की अति गुह्य गति”05/05/1977“वरदानी, महादानी और दानी आत्माओं के लक्षण”13/01/1978“इन्तजार के पहले इन्तजाम करो”14/02/1978“समीप आत्मा की निशानियाँ”10/01/1979“अब वेस्ट और वेट को समाप्त करो”16/01/1979“तिलक, ताज और तख्तधारी बनने की युक्तियाँ”30/01/1979“सर्व बन्धनों से मुक्ति की युक्ति”14/01/1980“रूहानी सेनानियों से रूहानी कमाण्डर की मुलाकात”18/01/1981“‘स्मृति-स्वरूप' का आधार याद और सेवा”27/03/1981“बाप पसन्द, लोक पसन्द, मन पसन्द कैसे बनें?”31/12/1981“निर्बल को बल देने वाले महाबलवान बनो”24/04/1983“रूहानी पर्सनैलिटी”17/05/1983“संगम युग - मौजों के नज़ारों का युग”10/03/1986“बेफिकर बादशाह बनने की युक्ति”09/04/1986“सच्चे सेवाधारी की निशानी”12/03/1988“तीन प्रकार का स्नेह तथा दिल के स्नेही बच्चों की विशेषतायें”06/01/1990“होलीहँस की परिभाषा”22/02/1990“सेवा करना - उत्साह से उत्सव मनाना”13/03/1990“संगम पर परमात्मा का आत्माओं से विचित्र मिलन”26/10/1991“तपस्या का प्रत्यक्ष-फल - खुशी”04/12/1991“सफल तपस्वी अर्थात् प्योरिटी की पर्सनैलिटी और रॉयल्टी वाले”31/12/1992“सफलता प्राप्त करने का साधन - सब कुछ सफल करो”31/12/1993“नये वर्ष में सदा उमंग-उत्साह में उड़ना और सर्व के प्रति महादानी, वरदानी बन व्यर्थ को समाप्त करना”18/01/1994“ब्राह्मण जन्म का आदि वरदान - स्नेह की शक्ति”23/02/1997“साथी को साथ रख साक्षी और खुशनुमा के तख्तनशीन बनो”12/12/1998“मेरे-मेरे का देह-अभिमान छोड़ ब्रह्मा बाप के कदम पर कदम रखो”30/11/1999“पास विद ऑनर बनने के लिए सर्व खजानों के खाते को जमा कर सम्पन्न बनो”14/11/2002“ब्राह्मण जीवन का फाउण्डेशन और सफलता का आधार - निश्चयबुद्धि”30/11/2002“रिटर्न शब्द की स्मृति से समान बनो और रिटर्न-जर्नी के स्मृति स्वरूप बनो''13/02/2003“वर्तमान समय अपना रहमदिल और दाता स्वरूप प्रत्यक्ष करो''15/10/2004“एक को प्रत्यक्ष करने के लिए एकरस स्थिति बनाओ, स्वमान में रहो, सबको सम्मान दो''15/12/2004“बापदादा की विशेष आशा - हर एक बच्चा दुआयें दे और दुआयें ले''31/12/2005“नये वर्ष में अपने पुराने संस्कारों को योग अग्नि में भस्म कर ब्रह्मा बाप समान त्याग, तपस्या और सेवा में नम्बरवन बनो''15/10/2007“संगमयुग की जीवनमुक्त स्थिति का अनुभव करने के लिए सब बोझ वा बंधन बाप को देकर डबल लाइट बनो”31/10/2007“अपने श्रेष्ठ स्वमान के फ़खुर में रह असम्भव को सम्भव करते बेफिक्र बादशाह बनो”18/01/2008“सच्चे स्नेही बन, सब बोझ बाप को देकर मौज का अनुभव करो, मेहनत मुक्त बनो”
