7 फरवरी 2026 को परभणी शहर के विष्णु जीनिंग मैदान में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शिवराम नगर शाखा द्वारा आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यानमाला “हैप्पीनेस को कहो हाय! टेंशन को कहो बाय!” का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर माउंट आबू से पधारे अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सुप्रसिद्ध प्रेरक वक्ता बीके शक्तिराज भाई ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में बीके शक्तिराज भाईने कहा कि
आज भौतिक सुविधाओं की प्रचुरता के बावजूद परिवार मानसिक तनाव, चिंता और अशांति से ग्रस्त हैं। हम मशीनों को तो नियमित रूप से ऊर्जा प्रदान करते हैं, किंतु अपने मन और आत्मिक शक्ति पर ध्यान नहीं देते, जबकि जीवन की वास्तविक गुणवत्ता मनःस्थिति पर ही निर्भर करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संसार में हर विषय की शिक्षा के लिए संस्थान उपलब्ध हैं, परंतु मन, संस्कार और मानवीय मूल्यों की शिक्षा के लिए बहुत कम प्रयास होते हैं। ऐसे समय में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ही वह दिव्य संस्था है, जो मनुष्य को श्रेष्ठ संस्कारों की ऊर्जा प्रदान कर सामान्य मानव से देवतुल्य बनने की प्रेरणा देती है।
बीके शक्तिराज भाई ने कर्म सिद्धांत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि
जैसा कर्म होता है, वैसा ही उसका फल प्राप्त होता है। चिंता, भय और शोक व्यक्ति को असफलता की ओर ले जाते हैं, जबकि आनंद, सकारात्मक सोच और ध्यान-साधना जीवन में सफलता और संतुलन का मार्ग प्रशस्त करते हैं। नकारात्मक विचार मन को कमजोर बनाते हैं, इसलिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर नकारात्मक ऊर्जा का त्याग करना ही सशक्त और सुखी जीवन की कुंजी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं नमन के साथ किया गया तथा समापन प्रेरक गीत द्वारा हुआ। इस अवसर पर उद्योजक रामप्रसाद घोडके, सुप्रिया राहुल पाटिल, वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक सोनी, सुभाष जावले, डॉ. चांडक, डॉ. वाकणकर, बी. के. तांदले सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से बी. के. अर्चना बहनजी, बी. के. शांता, बी. के. माधुरी, बी. के. रंजना, बी. के. प्रेमा एवं बी. के. गीता बहनजी की विशेष उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की प्रस्तावना बी. के. अर्चना बहनजी द्वारा प्रस्तुत की गई तथा कुशल संचालन बी. के. रूपा बहनजी ने किया। अंत में संस्था की ओर से नगरवासियों से इस आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी व्याख्यानमाला का अधिक से अधिक लाभ लेने का हार्दिक आग्रह किया गया।





















