ब्रह्माकुमारीज़ समाज सेवा प्रभाग द्वारा आयोजित सेवा के अंतर्गत, सेवाकेंद्र ज्ञान ज्योति, सेक्टर 48, चंडीगढ़ की ओर से ओपन एयर थिएटर, सेक्टर 48 के बड़े पार्क में वृद्धजनों के सम्मान एवं उनके गरिमापूर्ण जीवन को समर्पित भव्य कार्यक्रम ‘संगम — गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 250 वृद्धजनों एवं उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता, सेक्टर 43 की केंद्र प्रभारी बी.के. कविता दीदी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में परिवार की दोनों पीढ़ियों के बीच प्रेम, सम्मान, सहनशीलता एवं आपसी समझ बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने वरिष्ठजनों को प्रेरित किया कि जीवन के इस पड़ाव पर छोटी-छोटी बातों को लेकर बार-बार टोकने के बजाय प्रेम, धैर्य और समझदारी से परिस्थितियों को स्वीकार करें, ताकि घर का वातावरण सुखद एवं शांतिपूर्ण बना रहे। साथ ही, उन्होंने युवा पीढ़ी को भी बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ कई बार वरिष्ठजन अपनी बातें दोहराते हैं, ऐसे में उनकी बातों को मन पर लेने के बजाय बच्चों की तरह प्रेम और धैर्य से उन्हें समझना चाहिए। उनका संदेश परिवार में दोनों पीढ़ियों के बीच स्नेह, सम्मान एवं सामंजस्य स्थापित करने की प्रेरणा देने वाला रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी श्री परवीन नारंग जी उपस्थित रहे। उन्होंने पूरे कार्यक्रम में सहभागिता निभाई तथा अंत में ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा समाज में किए जा रहे सकारात्मक एवं मूल्यनिष्ठ कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम का शुभारंभ बी.के. कोमल बहन द्वारा ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान का संक्षिप्त एवं सुंदर परिचय प्रस्तुत करने के साथ हुआ। इसके पश्चात् कुमारी आराध्या ने मनमोहक स्वागत नृत्य के माध्यम से सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का हार्दिक स्वागत किया। सेक्टर 46 की केंद्र प्रभारी बी.के. पूनम दीदी ने अपने स्नेहपूर्ण शब्दों से सभी का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य को रेखांकित किया। उन्होंने परिवार में बुजुर्गों के प्रति प्रेम, आदर एवं सम्मान की भावना को मजबूत बनाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर बी.के. अर्शीया ने अपनी भावपूर्ण कविता के माध्यम से मन के सुंदर भावों को अभिव्यक्त किया। उनकी कविता ने उपस्थित जनों के हृदय को स्पर्श किया और कार्यक्रम के मूल संदेश को और अधिक प्रभावशाली बनाया।
कार्यक्रम में बी.के. जयगोपाल लूथरा भाई ने मधुर गीत-संगीत की प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। उन्होंने अनेक लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए, जिनका उपस्थित जनों ने भरपूर आनंद लिया। उनकी प्रस्तुतियों से वातावरण में उत्साह, उमंग एवं आनंद का संचार हुआ।
कार्यक्रम का सुंदर एवं प्रभावशाली मंच संचालन सेक्टर 48 की केंद्र प्रभारी बी.के. चन्द्रकला दीदी ने किया। अपनी कुशल संचालन शैली से उन्होंने पूरे कार्यक्रम को सहज, रोचक एवं जीवंत बनाए रखा।
कार्यक्रम के समापन सत्र में बी.के. पूनम दीदी ने सभी उपस्थित जनों को प्रेरणादायी प्रतिज्ञा करवाई कि वे अपने घर में बड़ों एवं बुजुर्गों का सदैव आदर-सम्मान करेंगे तथा उनके प्रति प्रेम, संवेदनशीलता एवं सम्मान का भाव रखेंगे। साथ ही, सभी ने नशे एवं अन्य व्यसनों से दूर रहने तथा नशामुक्त जीवन और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस सामूहिक प्रतिज्ञा ने कार्यक्रम के सामाजिक एवं आध्यात्मिक उद्देश्य को सार्थक दिशा प्रदान की।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित वृद्धजनों एवं उनके परिवारजनों को टोली एवं सौगात भेंट कर सम्मानित किया गया। इस आत्मीय पहल ने वरिष्ठजनों के प्रति कृतज्ञता, स्नेह एवं सम्मान की भावना को अभिव्यक्त किया।
‘संगम’ कार्यक्रम केवल वृद्धजनों के सम्मान का अवसर ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज में पीढ़ियों के बीच प्रेम, समझ, सहनशीलता एवं मधुर संबंधों को सशक्त बनाने का एक प्रेरणादायी प्रयास भी रहा। कार्यक्रम ने प्रभावी रूप से यह संदेश प्रसारित किया कि “बुजुर्गों का सम्मान — परिवार की शान” है और वरिष्ठजनों का सम्मान करना एक संस्कारित, संवेदनशील एवं मूल्यनिष्ठ समाज की पहचान है।




























