प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज़ ईश्वरीय विश्व विद्यालय, पंजाब ज़ोन की पूर्व ज़ोनल चीफ़, परम श्रद्धेय राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अचल दीदी जी के 12वें पुण्य स्मृति दिवस के अवसर पर चंडीगढ़ के सेक्टर 33-ए स्थित ब्रह्माकुमारीज़ सेवा केंद्र द्वारा भावपूर्ण श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित भाई-बहनों ने दीदी जी के जीवन, आध्यात्मिक आदर्शों एवं ईश्वरीय सेवाओं को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ बी.के. अनीता दीदी द्वारा कराए गए गहन राजयोग मेडिटेशन से हुआ। ध्यान, मधुर भजनों और स्मृतियों से सजे इस कार्यक्रम में दीदी जी की सादगी, अनुशासन, त्याग, तपस्या और आध्यात्मिक योगदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर पंजाब ज़ोन की निदेशिका राजयोगिनी बी.के. उत्तरा दीदी ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब ज़ोन की ईश्वरीय फुलवारी को अचल दीदी जी ने अपने स्नेह, समर्पण और अथक सेवाओं से सींचकर तैयार किया। आज भी उनके द्वारा स्थापित आध्यात्मिक मूल्यों और सेवा परंपराओं के मार्गदर्शन में ब्रह्माकुमारीज़ की ईश्वरीय सेवाएँ निरंतर आगे बढ़ रही हैं।
मंडी सेवा केंद्र की प्रभारी बी.के. शीला दीदी ने अचल दीदी जी के कर्मयोगी स्वरूप का स्मरण करते हुए कहा कि उनके जीवन में ब्रह्मा बाबा के समान त्याग, तपस्या और सेवाभाव की झलक दिखाई देती थी। उनका जीवन आध्यात्मिक निष्ठा, अनुशासन और समर्पण की प्रेरणादायी मिसाल था।
वहीं, ज़ीरकपुर सेवा केंद्र की प्रभारी बी.के. लीला दीदी ने दीदी जी के साथ बिताए अपने मधुर संस्मरण साझा करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का कुशल संचालन बी.के. कविता दीदी ने किया। इस पावन अवसर पर जय गोपाल भाई ने अपनी सुमधुर वाणी में भावपूर्ण गीत प्रस्तुत कर दीदी जी को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की। गीतों और स्मृतियों के माध्यम से वातावरण आध्यात्मिक भावनाओं और श्रद्धा से ओतप्रोत हो गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी भाई-बहनों ने राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी अचल दीदी जी के श्रेष्ठ कर्मों, आदर्शों और आध्यात्मिक शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने तथा उनके द्वारा स्थापित ईश्वरीय सेवाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम दीदी जी के त्याग, तपस्या, स्नेह और सेवाभाव को नमन करने के साथ-साथ उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देने वाला रहा।



























