चेन्नई के हैप्पी विलेज रिट्रीट सेंटर में “आंतरिक शांति एवं सामाजिक सद्भाव के लिए शिक्षा” विषय पर राष्ट्रीय शिक्षाविद् सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देशभर से करीब एक हजार शिक्षाविदों, प्राचार्यों, प्रोफेसरों, शैक्षणिक नेताओं एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ ब्रह्माकुमारीज़ तिरुवन्नामलाई की निदेशिका बीके डॉ. उमा द्वारा “आंतरिक शक्ति के साथ नेतृत्व” विषय पर सत्र के माध्यम से हुआ। तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं दक्षिण केरल की क्षेत्रीय सेवा समन्वयक बीके बीना ने स्वागत संबोधन में ब्रह्माकुमारीज़ की 90 वर्षों की आध्यात्मिक यात्रा से सभी को परिचित कराया।
सम्मेलन में एजुकेशन विंग के वाइस चेयरमैन प्रोफेसर डॉ. बीके पांडेमणि, राष्ट्रीय समन्वयक बीके सुमन, अड्यार सेवा केंद्र की प्रभारी बीके मुथुमणि तथा सीएसआईआर-सीएलआरआई के पर्यावरण विज्ञान विकास विभाग के मुख्य वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. पी. शमुगम सहित अनेक विशेषज्ञों ने शिक्षा, मूल्यों एवं सामाजिक सद्भाव से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।
प्रोफेसर डॉ. बीके पांडेमणि ने
“मूल्य शिक्षा को ऊंचा उठाते हैं” की अवधारणा के माध्यम से शिक्षा में नैतिक एवं मानवीय मूल्यों की भूमिका को रेखांकित किया। वहीं बीके डॉ. स्वामीनाथन ने “करुणा – नया पाठ्यक्रम” विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।
सम्मेलन में “बेहतर भविष्य के लिए जिम्मेदार पीढ़ियों का निर्माण” विषय पर विशेष पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इसमें शिक्षा के माध्यम से जिम्मेदार, संवेदनशील एवं मूल्यनिष्ठ पीढ़ी के निर्माण पर मंथन हुआ।
कार्यक्रम में तमिलनाडु के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों से जुड़े प्राचार्य, डीन, प्रोफेसर एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे। सम्मेलन का समापन नूंगमबक्कम की बीके चित्रा के मार्गदर्शन में राजयोग ध्यान के साथ हुआ।






















