नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कर कमलों से प्रधानमंत्री धन्यधान्य कृषि योजना का शुभारंभ हुआ। इस योजना के अंतर्गत कृषि क्षेत्र के लिए ₹35,404 करोड़ की दो प्रमुख योजनाओं की शुरुआत की गई। इस शुभ अवसर पर महाराष्ट्र के नांदेड़ से ब्रह्माकुमारी संस्था के बी.के. भगवान भाई इंगोले ने योगिक खेती के अपने अद्भुत और प्रेरणादायक अनुभव साझा किए, जिन्होंने उपस्थित सभी का ध्यान आकर्षित किया। प्रधानमंत्री जी ने इस अनोखी आध्यात्मिक खेती पद्धति की गहराई से सराहना की और इसे देश के कृषि क्षेत्र के लिए एक नई दिशा बताया। बी.के. भगवान भाई इंगोले को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए कृषि भूषण सम्मान से सम्मानित किया गया, जिससे न केवल महाराष्ट्र, बल्कि सम्पूर्ण ब्रह्माकुमारी परिवार गौरवान्वित हुआ। यह उपलब्धि आत्मशक्ति और प्रकृति शक्ति के समन्वय का एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करती है। भगवान भाई इंगोले कई वर्षों से योगिक खेती पर निरंतर शोध एवं प्रयोग करते आ रहे हैं और आज वे देशभर के किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुके हैं। उनकी यह सफलता यह संदेश देती है कि आध्यात्मिकता और विज्ञान के समन्वय से कृषि क्षेत्र में अद्भुत प्रगति संभव है।

























