5 जुलाई 2026 को गयाना में ब्रह्माकुमारीज़ की 50 वर्षीय स्वर्णिम सेवा यात्रा के उपलक्ष्य में अनेक भव्य एवं ऐतिहासिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गयाना के स्टेट हाउस में आयोजित मुख्य समारोह में देश के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. इरफान अली मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली ने कहा कि
किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति केवल आर्थिक विकास या आधुनिकता में नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के नैतिक मूल्यों, श्रेष्ठ संस्कारों और आध्यात्मिक चेतना में निहित होती है। उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ की 50 वर्षों की सेवा यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि संस्था ने आधी शताब्दी से गयाना में आंतरिक शांति, राजयोग मेडिटेशन, आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच तथा सामुदायिक उत्थान के माध्यम से समाज के आध्यात्मिक और नैतिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
समारोह में ब्रह्माकुमारीज़ की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके जयंती दीदी ने
मानव चेतना की शक्ति पर अपने प्रेरक विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व में स्थायी परिवर्तन का मार्ग आंतरिक शांति, प्रेम, करुणा, आत्मजागृति और ईश्वरीय मूल्यों से होकर गुजरता है। उन्होंने सभी को स्वयं को जानने, अपने मूल गुणों को जागृत करने तथा उन्हें जीवन में अपनाकर विश्व में शांति और सद्भाव स्थापित करने का संदेश दिया।
"वन गयाना, वन फ्यूचर – द पावर ऑफ कॉन्शियस लीडरशिप" विषय पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली एवं बीके जयंती दीदी के मध्य आध्यात्मिक नेतृत्व एवं मानवीय मूल्यों पर विशेष संवाद भी हुआ। समारोह में भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, नीदरलैंड तथा कैरेबियन देशों से आए ब्रह्माकुमारीज़ के प्रतिनिधियों सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
स्वर्ण जयंती समारोह की श्रृंखला के अंतर्गत गयाना के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में एक भव्य सार्वजनिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें समाज के विशिष्ट नागरिकों, विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों तथा 250 से अधिक श्रोताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर बीके जयंती दीदी ने आध्यात्मिकता, आत्मजागृति, सकारात्मक चिंतन और मानवीय मूल्यों पर प्रेरणादायी उद्बोधन देते हुए सभी को शांति, प्रेम, शुभभावना तथा ईश्वरीय आशीर्वाद को अपने जीवन में धारण करने का संदेश दिया।
गयाना में ब्रह्माकुमारीज़ की 50 वर्षीय स्वर्णिम सेवा यात्रा का यह ऐतिहासिक उत्सव आध्यात्मिक जागृति, नैतिक नेतृत्व, विश्व शांति, सद्भाव तथा मानवीय एकता के सशक्त संदेश के साथ अत्यंत प्रेरणादायी एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।























