दिनांक 5 जुलाई 2026 को ज्ञान सरोवर, आबू राज में भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय "रिफॉर्म्स उत्सव एवं चिंतन शिविर 2026" का प्रेरणादायी एवं गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक समापन हुआ।
"विकसित भारत" की संकल्पना को केंद्र में रखकर आयोजित इस चिंतन शिविर में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने न्याय व्यवस्था में सुधार, मुकदमेबाजी में कमी लाने तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श एवं चिंतन किया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए भारत सरकार के केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि
भारत के अमृतकाल में विकसित भारत के निर्माण की दिशा में यह अत्यंत महत्वपूर्ण समय है। उन्होंने न्याय व्यवस्था में सुधारों को राष्ट्र के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए सभी अधिकारियों से नवाचार एवं प्रभावी कार्यप्रणाली अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्था के अतिरिक्त महासचिव बीके डॉ. मृत्युंजय भाई ने कहा कि
ब्रह्माकुमारीज़ का मूल संदेश "स्व-परिवर्तन से विश्व-परिवर्तन" है। उन्होंने कहा कि संस्था पिछले नौ दशकों से आध्यात्मिक ज्ञान एवं नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रही है तथा सशक्त चरित्र निर्माण ही विकसित भारत की आधारशिला है।
कार्यक्रम में विधि सचिव डॉ. राजीव मणि त्रिपाठी तथा विभाग के अतिरिक्त सचिव डॉ. मनोज कुमार ने भी न्यायिक सुधार, प्रशासनिक दक्षता तथा सुशासन को सुदृढ़ बनाने के विभिन्न आयामों पर अपने विचार व्यक्त किए।
दो दिवसीय यह चिंतन शिविर न्यायिक सुधार, सुशासन एवं आध्यात्मिक मूल्यों के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण सिद्ध हुआ। कार्यक्रम ने विकसित भारत के निर्माण के लिए सकारात्मक चिंतन, प्रभावी प्रशासन और मूल्यनिष्ठ नेतृत्व की दिशा में नई प्रेरणा प्रदान की।






















