27 जून 2026: आबूराज स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के ज्ञान सरोवर परिसर में कला एवं संस्कृति प्रभाग द्वारा आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन "आधुनिक संस्कृति में पारिवारिक मूल्यों के संवर्धन की कला" का भव्य शुभारंभ हुआ। देशभर से आए कलाकारों, संगीत शिक्षाविदों, संस्कृति प्रेमियों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस सम्मेलन ने भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता तथा पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन का प्रेरणादायी संदेश दिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन राजस्थान विधानसभा के श्री फूल सिंह मीणा ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कला सीखने की कोई आयु नहीं होती तथा प्रत्येक व्यक्ति कला के माध्यम से अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकता है।
कला एवं संस्कृति प्रभाग की अध्यक्षा बीके चंद्रिका दीदी ने कहा कि
सकारात्मक सोच ही सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने सभी को सकारात्मकता अपनाकर आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ने तथा आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में धारण करने की प्रेरणा दी।
सम्मेलन को मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की फैशन टेक्नोलॉजी एवं डिजाइनिंग विभागाध्यक्ष डॉ. डॉली मोगरा, आकाशवाणी अहमदाबाद के विभागाध्यक्ष डॉ. चिराग भोरनिया, प्रभाग की राष्ट्रीय संयोजिका बीके प्रेम दीदी तथा बीके पूनम दीदी ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना, भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों तथा संगीत के माध्यम से सकारात्मकता के प्रसार पर अपने विचार व्यक्त किए।
उद्घाटन सत्र में मुख्यालय संयोजक बीके सतीश भाई, क्षेत्रीय संयोजिका बीके तृप्ति, बीके फाल्गुनी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने भी अपने विचार रखे।
सम्मेलन के माध्यम से कला, संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों के समन्वय द्वारा सशक्त परिवार, संस्कारित समाज और श्रेष्ठ विश्व के निर्माण का प्रेरणादायी संदेश दिया गया।




























