अरावली पर्वतमाला की सुरम्य वादियों में स्थित ब्रह्माकुमारीज़ के ज्ञान सरोवर, आबू राज में व्यवसाय एवं उद्योग प्रभाग द्वारा आयोजित "स्पिरिचुअल अवेकनिंग फॉर सक्सेस इन बिजनेस" विषयक पाँच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला एवं मेडिटेशन रिट्रीट का सफल समापन हुआ। देशभर से उद्योग एवं व्यापार जगत से जुड़े उद्यमियों, व्यवसायियों तथा कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों ने इसमें सहभागिता कर आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित नेतृत्व, व्यवसाय प्रबंधन एवं जीवन प्रबंधन की प्रेरणा प्राप्त की।
समापन अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके सुदेश दीदी ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि
आध्यात्मिकता ही मूल्यनिष्ठ, पारदर्शी एवं सफल व्यवसाय की सुदृढ़ नींव है। उन्होंने जीवन और व्यापार दोनों में नैतिक मूल्यों, आत्मिक जागरूकता तथा सकारात्मक सोच को अपनाने का संदेश दिया।
अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता बीके सिस्टर शिवानी ने
"स्पिरिचुअल इंटेलिजेंस फॉर बिजनेस एक्सीलेंस" विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि व्यवसाय की वास्तविक सफलता केवल आर्थिक उपलब्धियों में नहीं, बल्कि मन की शांति, श्रेष्ठ संबंधों और संतुलित जीवन में निहित है। उन्होंने बताया कि सकारात्मक संकल्प, आत्मचेतना और राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से व्यक्ति अपने कार्यस्थल, परिवार और समाज में श्रेष्ठ परिवर्तन ला सकता है।
वरिष्ठ राजयोगी बीके सूरज भाई ने
जीवन एवं व्यवसाय में राजयोग के व्यवहारिक प्रयोगों पर प्रकाश डालते हुए परमात्मा से निरंतर संबंध जोड़ने तथा मन को श्रेष्ठ संकल्पों से भरने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कार्य में उत्कृष्टता तभी आती है जब मन की स्थिति स्थिर, शांत और सकारात्मक हो।
कार्यक्रम के दौरान हृदय रोग विशेषज्ञ बीके डॉ. मोहित गुप्ता ने
"डिज़ाइन योर डेस्टिनी" विषय पर विचार व्यक्त किए।
गीता ज्ञान विदुषी बीके उषा दीदी ने
"जीना इसी का नाम है" विषय के माध्यम से जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों की महत्ता बताई,
जबकि वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके शीलू दीदी ने ब्रह्माकुमारीज़ संस्था के इतिहास, सेवाओं एवं वैश्विक गतिविधियों का परिचय कराया।
पाँच दिवसीय रिट्रीट के दौरान प्रतिभागियों के लिए राजयोग मेडिटेशन, आत्मचिंतन, संवाद सत्र, समूह चर्चाएँ तथा विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन सत्रों में तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक संचार, नैतिक व्यवसाय, टीम निर्माण तथा मूल्य आधारित निर्णय प्रक्रिया जैसे विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस रिट्रीट से उन्हें व्यवसाय में विश्वास, पारदर्शिता, मधुर व्यवहार, सकारात्मक सोच तथा आत्मिक जागरूकता के महत्व को समझने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से निर्णय क्षमता, मानसिक स्थिरता, कार्यक्षमता तथा पारिवारिक एवं व्यावसायिक संबंधों में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव हुआ।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने आध्यात्मिक सिद्धांतों को अपने व्यवसाय एवं व्यक्तिगत जीवन में अपनाते हुए सफलता के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन करने तथा मूल्यनिष्ठ व्यवसाय संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।



























