नीमच, 26 अक्टूबर 2025 — सद्भावना सभागार, नीमच में आयोजित ‘हर हाल में खुशहाल’ कार्यक्रम ने सैकड़ों लोगों को आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच की प्रेरणा दी। विश्वविख्यात प्रेरक वक्ता प्रो. ई.वी. गिरीश ने कहा कि “खुशी किसी वरदान से नहीं, बल्कि अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने से मिलती है।” उन्होंने समझाया कि मनुष्य की 80% बीमारियाँ मनःस्थिति से जुड़ी होती हैं, और राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मनोभावों को नियंत्रित कर स्वस्थ व सुखी जीवन पाया जा सकता है।
प्रो. गिरीश ने हास्य और उदाहरणों के माध्यम से बताया कि जैसे बच्चे बुरी घटनाएँ भूलकर मुस्कुराना जानते हैं, वैसे ही हमें भी अपने भीतर के बच्चे को जीवित रखना चाहिए ताकि जीवन में आनंद बना रहे। उन्होंने एकाग्रता का महत्व बताते हुए कहा कि “जब मन और बुद्धि एक दिशा में कार्य करते हैं, तब सफलता निश्चित होती है।”
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें फैमिली कोर्ट के जज श्री कुलदीप जैन, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती स्वाति चौपड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती वंदना खण्डेलवाल, मेडिकल कॉलेज के डीन आदित्य बरेड, ज्ञानोदय विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती माधुरी चौरसिया, सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। स्वागत बी.के. सविता दीदी ने किया, संचालन बी.के. श्रुति बहन ने किया और आभार बी.के. सुरेन्द्र भाई ने व्यक्त किया।
कार्यक्रम ने यह सशक्त संदेश दिया कि हर परिस्थिति में खुश रहना एक कला है, जिसे आत्मज्ञान और राजयोग से सीखा जा सकता है।





















