5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्वालियर में नगर निगम द्वारा पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भव्य ई-वाहन जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के लगभग 80 से 100 भाई-बहनों ने इलेक्ट्रिक स्कूटी, इलेक्ट्रिक कार एवं ई-रिक्शा के साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए हरित भविष्य के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण का संदेश देने हेतु आयोजित इस जन-जागरूकता रैली को ग्वालियर की कलेक्टर सुश्री रुचिका चौहान ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के माध्यम से शहरवासियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने, स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने तथा सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया।
रैली के समापन के पश्चात बाल भवन में रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में ब्रह्माकुमारीज़ के भाई-बहनों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के दौरान नगर निगम ग्वालियर एवं ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मध्य एक महत्वपूर्ण एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के अंतर्गत ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा शहर के दो उद्यानों को गोद लेकर उनके संरक्षण, संवर्धन एवं देखरेख का संकल्प लिया गया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह में नगर निगम आयुक्त श्री संघप्रिय, अपर आयुक्त श्री टी. प्रतीक राव, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की ओर से बीके प्रहलाद सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने कहा कि
पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। यदि प्रत्येक व्यक्ति सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग कम करे, स्वच्छता का ध्यान रखे तथा सार्वजनिक स्थलों पर कचरा न फैलाए, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि व्यक्तिगत स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास भविष्य में बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेंगे और अधिक से अधिक लोग इस अभियान को अपने जीवन का हिस्सा बनाएंगे।
यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा और सामुदायिक सहभागिता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा तथा सभी उपस्थितजनों को स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ समाज के निर्माण हेतु सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा प्रदान कर गया।





















